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Mirzapur News: बारिश ने बदला मौसम का मिजाज, किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक

Tue, 18 Aug 2026 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:55 AM IST
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Rain changes the weather; smiles return to farmers' faces.
चुनार में 30 एमएम बारिश, जिले में सामान्य से अधिक बारिश से धान की फसल को संजीवनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को शुक्रवार को बारिश ने राहत दी। कहीं रिमझिम फुहारें पड़ीं तो कहीं तेज बारिश हुई। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। 24 घंटे में चुनार तहसील में सबसे अधिक 30 एमएम बारिश हुई। लालगंज में 15, मड़िहान में 11 और सदर तहसील में 10 मिलीमीटर वर्षा हुई।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया क सोमवार तक जिले में सामान्य वर्षा 517.3 मिलीमीटर होनी चाहिए, जबकि अब तक 517.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य वर्षा का 100.1 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 510.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य के मुकाबले 98.7 प्रतिशत थी।
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खेतों में लौटी रौनक, धान को मिली संजीवनी
जमुई। खेतों में खड़ी धान की फसल को भी बारिश से जरूरी पानी मिल गया। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से फसल लहलहा उठी। किसानों ने बारिश को फसल के लिए संजीवनी बताते हुए बेहतर पैदावार की उम्मीद जताई।
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आठ घंटे में 32 सेमी बढ़ी गंगा, चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार
फोटो 45
मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को अचानक तेजी आ गई। आठ घंटे में जलस्तर 32 सेंटीमीटर बढ़कर शाम चार बजे 71.660 मीटर पहुंच गया। पानी बढ़ने की रफ्तार चार सेंटीमीटर प्रति घंटे होने से तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा के बढ़ाव का क्रम लगातार जारी है।

शुक्रवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 71.340 मीटर था। पानी तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। शाम चार बजे तक जलस्तर 71.660 मीटर पहुंच गया। बढ़ाव की गति बढ़कर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई। हालांकि, गंगा अभी चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर से 5.064 मीटर नीचे है। खतरे का निशान 77.724 मीटर है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के 404 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 37 बाढ़ चौकियां स्थापित कर निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, जिले में अब तक सर्वाधिक जलस्तर वर्ष 1978 में 80.340 मीटर दर्ज किया गया था।
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