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UP: मुरादाबाद में पांच रुपये का एक उपला, लकड़ी की कीमतों में वृद्धि, पश्चिम एशिया युद्ध की आग में सुलगा ईंधन

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: Vimal Sharma Updated Sat, 14 Mar 2026 03:39 PM IST
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सार

युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। एलपीजी और कामर्शियल सिलिंडर की किल्लत के कारण होटल, रेस्टोरेंट और छोटे ढाबों ने कोयला, लकड़ी और उपलों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। इससे इन ईंधनों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। पहले तीन रुपये में मिलने वाला उपला अब पांच से छह रुपये तक बिक रहा है। 

Moradabad: The conflict in West Asia fuels the fire—cow-dung cakes now cost five rupees apiece
मुरादाबाद में उपले की कीमत पांच रुपये पहुंची - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम एशिया युद्ध की आग अब ईंधन तक पहुंच गई है। कोयला और लकड़ी के साथ ही उपले के रेट भी बढ़ गए हैं। अब एक उपला भी पांच रुपये का हो गया है। जबकि लकड़ी के दाम दस रुपये से बढ़कर 13 तेरह किलो तक पहुंच गए हैं।

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वहीं तीनों किस्म के कोयले के दामों में भी इजाफा हुआ है। वृद्धि की बड़ी वजह एलपीजी की किल्लत के बीच होटल और रेस्टोरेंट में जलने वाली भट्ठियां और घरों में सुलगने वाले देसी चूल्हे हैं। कामर्शियल सिलिंडर की सप्लाई बंद होने से शहर के होटल और रेस्टोरेंट में कोयले की भट्टियां धधकने लगीं हैं।
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छोटे दुकानदार लकड़ी और उपलों का भी प्रयोग करने लगे हैं। इससे ईंधन की कीमतों में तेजी के साथ वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह तक उपला तीन रुपये का एक मिल रहा था जबकि अब रेट बढ़कर पांच रुपये हो गया है।

कुछ जगहों पर तो छह रुपये तक में मिल रहा है। उपलों की खरीद सबसे ज्यादा वह छोटे दुकानदार कर रहे हैं जो सड़क किनारे ठेले या छोटे ढाबों पर चाय बेचते हैं। हाईवे किनारे के ढाबों ने भी अब गैस की जगह चूल्हों में लकड़ी और कोयला जलाकर खाना बनाना शुरू कर दिया है।

आलू की पकौड़ी का ठेला लगाने वाले राहुल कश्यप ने बताया कि अब सिलिंडर मिल ही नहीं रहा है। लिहाजा अंगीठी पर उपला या लकड़ी जलाकर काम चलाया जा रहा है। अब तो उपला भी पांच रुपये का एक मिल रहा है।

जबकि लकड़ी का भाव भी 10 रुपये किलो से बढ़कर 13 रुपये किलो तक पहुंच गया है। ठेला लगाने वाले समर अली का कहना है कि उनका कॉमर्शियल सिलिंडर कल दोपहर को खत्म हो गया था। एक दिन काम बंद रखा।

एक लोहे का चूल्हा खरीदा है जिसमें लकड़ी और उपला जलाकर चाय बना रहे हैं। दुकानदार राम सिंह ने बताया कि उपले आसानी से मिल भी नहीं रहे हैं। हम तो गांव से लेकर आए हैं। पाकबड़ा के सद्दाम ने बताया कि बड़े होटल वाले कोयला ला सकते हैं लेकिन छोटे दुकानदारों को तो उपले और लकड़ी से ही काम चलाना पड़ रहा है।

ईंधन का प्रकार कीमत
उपला 5 रुपये प्रति उपला
लकड़ी 13 रुपये प्रति किलो
कोयला (लकड़ी वाला) 35 रुपये प्रति किलो
नेट कोक 40 रुपये प्रति किलो
हार्डकोक 18 रुपये प्रति किलो
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