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Moradabad News: रनिंग स्टाफ को कम भत्ता वृद्धि पर एआईजीसी ने जताई आपत्ति
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मुरादाबाद। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (एआईजीसी) ने आरबीई-25/2026 के माध्यम से अधिसूचित रनिंग अलाउंस को अपर्याप्त बताते हुए किए गए संशोधन पर आपत्ति जताई है। पदाधिकारियों ने कहा कि आरबीई 26/2024 में महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि स्थापित नीति में सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को उनके भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि दी गई है। ऐसे समय में भारतीय रेलवे के रनिंग स्टाफ को अलग कर उनके साथ भेदभाव किया गया है, क्योंकि उन्हें मात्र लगभग 14 प्रतिशत वृद्धि दी गई दी गई है।
एआईजीसी मुरादाबाद के मंडल सचिव जीसी शुक्ला ने बताया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि स्थापित सिद्धांतों से एक जानबूझकर किया गया विचलन है। आरबीई 77/2012 और आरबीई 65/2014 के तहत पूर्व के कई उदाहरण हैं, जिनमें रनिंग अलाउंस का संशोधन महंगाई भत्ते की वृद्धि के अनुपात में किया जाना अनिवार्य है लेकिन वर्तमान का निर्णय उन सेवा शर्तों को पीछे ले जाने जैसा है, जिन्हें लंबे संघर्ष के बाद प्राप्त किया गया था।
रनिंग अलाउंस कोई रियायत नहीं है, बल्कि यह वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो निरंतर ड्यूटी, मुख्यालय से दूर रहने, अत्यधिक मानसिक तनाव और रनिंग स्टाफ द्वारा वहन की जाने वाली भारी सुरक्षा जिम्मेदारियों की भरपाई के लिए दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि रनिंग अलाउंस में कम से कम 25 प्रतिशत की तत्काल वृद्धि हो, एक अप्रैल 2024 से प्रभावी सभी बकाया का भुगतान हो, महंगाई भत्ते से जुड़ी संशोधन की स्थापित व्यवस्था को बिना किसी कटौती या बदलाव के पुनः लागू किया जाए।
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एआईजीसी मुरादाबाद के मंडल सचिव जीसी शुक्ला ने बताया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि स्थापित सिद्धांतों से एक जानबूझकर किया गया विचलन है। आरबीई 77/2012 और आरबीई 65/2014 के तहत पूर्व के कई उदाहरण हैं, जिनमें रनिंग अलाउंस का संशोधन महंगाई भत्ते की वृद्धि के अनुपात में किया जाना अनिवार्य है लेकिन वर्तमान का निर्णय उन सेवा शर्तों को पीछे ले जाने जैसा है, जिन्हें लंबे संघर्ष के बाद प्राप्त किया गया था।
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रनिंग अलाउंस कोई रियायत नहीं है, बल्कि यह वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो निरंतर ड्यूटी, मुख्यालय से दूर रहने, अत्यधिक मानसिक तनाव और रनिंग स्टाफ द्वारा वहन की जाने वाली भारी सुरक्षा जिम्मेदारियों की भरपाई के लिए दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि रनिंग अलाउंस में कम से कम 25 प्रतिशत की तत्काल वृद्धि हो, एक अप्रैल 2024 से प्रभावी सभी बकाया का भुगतान हो, महंगाई भत्ते से जुड़ी संशोधन की स्थापित व्यवस्था को बिना किसी कटौती या बदलाव के पुनः लागू किया जाए।