UP: रामपुर में विरासत दर्ज करने के नाम पर मांगी रिश्वत, लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार, पांच हजार रुपये की रकम बरामद
विरासत दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले लेखपाल शम्भू कुमार को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
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विरासत दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगना एक लेखपाल को भारी पड़ गया। एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। स्वार के वार्ड एक निवासी अब्दुल जाहिद ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि उनके पिता की मृत्यु के बाद छह एकड़ कृषि भूमि चार भाइयों के नाम विरासत में दर्ज होनी है।
भूमि का कुछ हिस्सा स्वार तहसील और कुछ टांडा तहसील के ग्राम घोसीपुरा में स्थित है। विरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर हल्का लेखपाल शम्भू कुमार ने आवेदन खारिज कर दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कारण पूछने पर लेखपाल ने मिलने बुलाया और प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये की मांग की। बाद में पांच हजार रुपये में काम करने की सहमति बन गई। इसके बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी।
शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद इकाई के निरीक्षक कृष्ण अवतार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर ट्रैप की योजना बनाई।
सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे लेखपाल ने अब्दुल जाहिद को दढ़ियाल तिराहे पर टांडा बाजपुर अड्डे के पास अपनी कार में बुलाया और पांच हजार रुपये ले लिए। जैसे ही उसने रुपये लिए, पहले से तैयार टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
इसके बाद उसे कोतवाली टांडा लाया गया, जहां पूछताछ के बाद टीम अपने साथ ले गई। साथी लेखपाल की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही अन्य लेखपालों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए।
टीम प्रभारी का बयान
निरीक्षक कृष्ण अवतार ने बताया कि शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की गई थी। आरोपी लेखपाल को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।