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यूपी में सिर पर चुनाव: गुटबाजी के दलदल में दलों के पांव, भाजपा, सपा, कांग्रेस में खुलकर सामने आने लगी गुटबाजी
Sun, 12 Jul 2026 03:57 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 12 Jul 2026 03:57 PM IST
सार
यूपी में चुनाव सिर पर हैं। सभी दलों के पांव गुटबाजी के दलदल में हैं। भाजपा, सपा, कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। विधानसभा चुनाव में दलों को खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
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UP Politics
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
विधानसभा चुनाव सिर पर है लेकिन राजनीतिक दलों के पांव गुटबाजी के दलदल में फंसे हुए हैं। इन दिनों जिले में भाजपा, सपा और कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी हैं। यही नहीं पार्टी नेताओं की आपसी खींचतान की शिकायतें लखनऊ तक पहुंच रहीं हैं। अगर यही हाल रहा तो पार्टियों को विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
एसआईआर अभियान के बाद राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटे हैं। अब सभी दल नए वोट बनवाने पर जोर दे रहे हैं। साथ ही कमेटियों के गठन में लगे हैं। बैठकों का दौर शुरू हो गया। लेकिन प्रमुख दलों में चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ एक बात और काॅमन होती जा रही है वह है गुटबाजी।
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एसआईआर अभियान के बाद राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटे हैं। अब सभी दल नए वोट बनवाने पर जोर दे रहे हैं। साथ ही कमेटियों के गठन में लगे हैं। बैठकों का दौर शुरू हो गया। लेकिन प्रमुख दलों में चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ एक बात और काॅमन होती जा रही है वह है गुटबाजी।
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चुनाव की तारीख नजदीक आते ही दलों में नेताओं की गुटबाजी तेज हो गई। भाजपा, सपा और कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही हैं। सपा की गुटबाजी की गूंज लखनऊ तक सुनाई दी। पार्टी सांसद और विधायकों की गुटबाजी झेल रही है।
बीच-बीच में भाजपा की गुटबाजी भी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचती रहती है। भाजपा को नेताओं की खेमाबंदी परेशान कर रही है। अब इस गुटबाजी से कांग्रेस भी अछूती नहीं रह गई है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस में भी खींचतान शुरू हो गई।
कांग्रेस : संगठन भंग करने की सिफारिश से दो गुट में बंटे नेता
तीन जून को लखनऊ में प्रदेश प्रभारी से जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर द्वारा मुरादाबाद जिला कमेटी भंग करने की सिफारिश से कांग्रेसियों में गुटबाजी शुरू हो गई है। इसके बाद जिले के एक गुट ने दिल्ली जाकर प्रदेश प्रभारी से मुलाकात की है। इस गुट ने बूथ स्तर पर पार्टी की समीक्षा कराए जाने की मांग भी उठाई है। वहीं जिलाध्यक्ष पहले ही लखनऊ में प्रदेश प्रभारी से मुलाकात कर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि प्रदेश प्रभारी ने दोनों गुटों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया है।
तीन जून को लखनऊ में प्रदेश प्रभारी से जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर द्वारा मुरादाबाद जिला कमेटी भंग करने की सिफारिश से कांग्रेसियों में गुटबाजी शुरू हो गई है। इसके बाद जिले के एक गुट ने दिल्ली जाकर प्रदेश प्रभारी से मुलाकात की है। इस गुट ने बूथ स्तर पर पार्टी की समीक्षा कराए जाने की मांग भी उठाई है। वहीं जिलाध्यक्ष पहले ही लखनऊ में प्रदेश प्रभारी से मुलाकात कर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि प्रदेश प्रभारी ने दोनों गुटों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया है।
सपा : जिले की गुटबाजी प्रदेश की सुर्खियां बनीं
सपा की जिले की गुटबाजी इन दिनों प्रदेश की सुर्खियां बनी हुई है। जिले में गुटबाजी इतनी बढ़ गई कि खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। लखनऊ बुलाकर सांसद रुचिवीरा, कांठ विधायक कमाल अख्तर, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर यादव को आपसी मतभेद भुलाकर 2027 की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए।
सपा की जिले की गुटबाजी इन दिनों प्रदेश की सुर्खियां बनी हुई है। जिले में गुटबाजी इतनी बढ़ गई कि खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। लखनऊ बुलाकर सांसद रुचिवीरा, कांठ विधायक कमाल अख्तर, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व विधायक हाजी यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर यादव को आपसी मतभेद भुलाकर 2027 की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए।
बाद में कमाल अख्तर को विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से हटा दिया गया। इसके बाद गुटबाजी खत्म नहीं हुई। अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सभी गुटों ने अलग-अलग जन्मदिन मनाया। इसके अलावा सांसद रुचिवीरा और पूर्व सांसद डाॅ. एसटी हसन के बीच अभी सियासी खटास खत्म नहीं हुई है।
भाजपा : कमेटियों के गठन से लेकर कार्यक्रमों तक में खेमाबंदी
भाजपा में कमेटियों के गठन से लेकर कार्यक्रमों तक खेमाबंदी है। हालिया घोषित प्रदेश कार्यकारिणी में जिले के एक बड़े नेता के करीबियों को जगह नहीं मिल पाई। सीएम के कार्यक्रम में नवागत क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर की उपेक्षा की गई।
भाजपा में कमेटियों के गठन से लेकर कार्यक्रमों तक खेमाबंदी है। हालिया घोषित प्रदेश कार्यकारिणी में जिले के एक बड़े नेता के करीबियों को जगह नहीं मिल पाई। सीएम के कार्यक्रम में नवागत क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर की उपेक्षा की गई।
होर्डिंग में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव की लगी तस्वीर को सफेद कागज लगाकर ढक दिया गया। इसे पार्टी के भीतर गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले जिले और महानगर कमेटियों में चुने गए पदाधिकारियों को लेकर खुलकर खींचतान चली।
संगठन में अपने-अपने करीबियों को जगह दिलाने के लिए गुटबाजी साफ दिखी। वहीं कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. शैफाली सिंह, नगर विधायक रितेश गुप्ता और मेयर विनोद अग्रवाल के बीच सियासी खेमेबंदी किसी से छिपी नहीं है। महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर बिना किसी का नाम लिए जिला पंचायत अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर बहुत कुछ लिखा।
भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। सभी मिलकर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी का मिशन 2027 का विधानसभा चुनाव है। - गिरीश भंडूला, महानगर अध्यक्ष, भाजपा
मैंने पार्टी की बेहतरी के लिए निष्क्रिय को पद से हटाने की सिफारिश प्रदेश प्रभारी से की थी। जिसे लेकर कुछ नेताओं ने गुटबाजी शुरू कर दी है। इससे प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। - विनोद गुंबर, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
अब पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिले के नेताओं से लखनऊ में बात की थी। सभी नेता विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। - जयवीर यादव, जिलाध्यक्ष सपा