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Muzaffarnagar News: न्याय के 70 साल...फांसी वाले फैसलों के 129 दिन
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जज रवि कुमार दिवाकर
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मुजफ्फरनगर। 12 अप्रैल 1956...यह सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर में न्यायालय की शुरुआत के इतिहास का स्वर्णिम पन्ना है। इसी दिन मेरठ से विभाजन कर जिले में अस्थायी न्यायालय शुरू हुआ। बाद में 14 जुलाई 1958 को स्थायी तौर पर काम शुरू किया गया। पिछले 70 साल में न्याय पथ की यात्रा में आमजन भी सहभागी बने।
अधिवक्ताओं ने हर पीड़ित को इन्साफ दिलाने का काम किया। इसी साल छह अप्रैल से बृहस्पतिवार तक 129 दिन में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने न्याय का नया अध्याय जोड़ दिया। नौ मामलों में अब तक 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय दिए जाने की बड़ी पहल है।
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इन मामलों में सुनाया फैसला
1. एडवोकेट समीर सैफी हत्याकांड (06 अप्रैल 2026) : 15 अक्टूबर 2019 को 40 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को मृत्युदंड सुनाया। एक अन्य दोषी दिनेश को सात वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
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2. शेखर हत्याकांड (28 अप्रैल 2026) : भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर की वर्ष 2019 में 70 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद में पास के गांव खेड़ी सूंडियान में हत्या कर दी गई थी। अदालत ने दोषी मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को मृत्युदंड सुनाया।
3. राजेश देवी-हिमांशु हत्याकांड (30 मई 2026) : छपार के सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने छह वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ नवंबर 2011 को घर से निकली थीं। चरथावल में दोनों की लाश मिली।हत्या के मामले में अदालत ने दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
4. राजेंद्र सैनी हत्याकांड (20 जून 2026) : ककरौली निवासी राजेंद्र सैनी की वर्ष 2018 में हत्या कर शव को जलाने के मामले में अदालत ने रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को मृत्युदंड सुनाया।मामले के एक आरोपी वीरसैन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
5. होमगार्ड रतिराम हत्याकांड (02 जुलाई 2026) : शहर कोतवाली के बुढ़ाना मोड़ पर वर्ष 2020 में गश्त के दौरान होमगार्ड रतिराम की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पहले प्रकरण जानलेवा हमले में दर्ज हुआ, बाद में होमगार्ड की मौत हो गई। इसके बाद हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई। अदालत ने दोषी दीपक को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
6. राजबीर सिंह हत्याकांड (06 जुलाई 2026) : तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में प्रधान पद की रंजिश में राजबीर सिंह (60) की 2010 में गोली मारकर हत्या की गई थी।दोषी पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार और प्रधान पद के प्रत्याशी रहे सहदेव उर्फ पप्पू को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
7. राज सिंह हत्याकांड (17 जुलाई 2026) : शामली के कुड़ाना गांव के पास किसान राज सिंह (48) की लूट के बाद लाठी-डंडों से पीटकर और गोली मारकर 20 अगस्त 2011 को हत्या कर दी गई थी। अदालत ने अभियुक्त बहावड़ी गांव निवासी अजीत, सूरज उर्फ काला, वहलना निवासी अनिल और देवरिया के घुसवा रामपुर निवासी सुनील को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
8. सालिम हत्याकांड (12 अगस्त 2026) : नौ दिसंबर 1999 की रात आठ ट्रैक्टर चालक हारुण का रजबहे की पटरी से अपहरण हुआ। फिरौती की चिट्ठी मिली तो उसका किसान पिता सालिम बदमाशों के बताए स्थान पर पहुंच गया। बदमाशों ने सालिम को बैठा लिया और रकम का इंतजाम करने के लिए हारुण को छोड़ दिया था। बाद में 25 जनवरी 2000 को सालिम की हत्या कर दी गई थी।
9. पवन हत्याकांड : (14 जुलाई 2014) :शामली के कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव में घर पर हमला कर किसान पवन कुमार की दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका भाई अशोक घायल हुआ था। भभीसा के राहुल उर्फ बोसी, कांजरहेड़ी गांव के हरेंद्र कुमार, पीरखेड़ा के रामवीर, बागपत के बड़ौत निवासी राजीव उर्फ छोटू को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
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अधिवक्ताओं ने हर पीड़ित को इन्साफ दिलाने का काम किया। इसी साल छह अप्रैल से बृहस्पतिवार तक 129 दिन में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने न्याय का नया अध्याय जोड़ दिया। नौ मामलों में अब तक 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय दिए जाने की बड़ी पहल है।
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इन मामलों में सुनाया फैसला
1. एडवोकेट समीर सैफी हत्याकांड (06 अप्रैल 2026) : 15 अक्टूबर 2019 को 40 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को मृत्युदंड सुनाया। एक अन्य दोषी दिनेश को सात वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
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2. शेखर हत्याकांड (28 अप्रैल 2026) : भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर की वर्ष 2019 में 70 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद में पास के गांव खेड़ी सूंडियान में हत्या कर दी गई थी। अदालत ने दोषी मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को मृत्युदंड सुनाया।
3. राजेश देवी-हिमांशु हत्याकांड (30 मई 2026) : छपार के सलेमपुर गांव निवासी सुरेश की पत्नी राजेश देवी अपने छह वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ नवंबर 2011 को घर से निकली थीं। चरथावल में दोनों की लाश मिली।हत्या के मामले में अदालत ने दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
4. राजेंद्र सैनी हत्याकांड (20 जून 2026) : ककरौली निवासी राजेंद्र सैनी की वर्ष 2018 में हत्या कर शव को जलाने के मामले में अदालत ने रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को मृत्युदंड सुनाया।मामले के एक आरोपी वीरसैन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
5. होमगार्ड रतिराम हत्याकांड (02 जुलाई 2026) : शहर कोतवाली के बुढ़ाना मोड़ पर वर्ष 2020 में गश्त के दौरान होमगार्ड रतिराम की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पहले प्रकरण जानलेवा हमले में दर्ज हुआ, बाद में होमगार्ड की मौत हो गई। इसके बाद हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई। अदालत ने दोषी दीपक को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
6. राजबीर सिंह हत्याकांड (06 जुलाई 2026) : तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में प्रधान पद की रंजिश में राजबीर सिंह (60) की 2010 में गोली मारकर हत्या की गई थी।दोषी पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार और प्रधान पद के प्रत्याशी रहे सहदेव उर्फ पप्पू को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
7. राज सिंह हत्याकांड (17 जुलाई 2026) : शामली के कुड़ाना गांव के पास किसान राज सिंह (48) की लूट के बाद लाठी-डंडों से पीटकर और गोली मारकर 20 अगस्त 2011 को हत्या कर दी गई थी। अदालत ने अभियुक्त बहावड़ी गांव निवासी अजीत, सूरज उर्फ काला, वहलना निवासी अनिल और देवरिया के घुसवा रामपुर निवासी सुनील को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
8. सालिम हत्याकांड (12 अगस्त 2026) : नौ दिसंबर 1999 की रात आठ ट्रैक्टर चालक हारुण का रजबहे की पटरी से अपहरण हुआ। फिरौती की चिट्ठी मिली तो उसका किसान पिता सालिम बदमाशों के बताए स्थान पर पहुंच गया। बदमाशों ने सालिम को बैठा लिया और रकम का इंतजाम करने के लिए हारुण को छोड़ दिया था। बाद में 25 जनवरी 2000 को सालिम की हत्या कर दी गई थी।
9. पवन हत्याकांड : (14 जुलाई 2014) :शामली के कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव में घर पर हमला कर किसान पवन कुमार की दो गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका भाई अशोक घायल हुआ था। भभीसा के राहुल उर्फ बोसी, कांजरहेड़ी गांव के हरेंद्र कुमार, पीरखेड़ा के रामवीर, बागपत के बड़ौत निवासी राजीव उर्फ छोटू को मृत्युदंड की सजा सुनाई।