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Muzaffarnagar News: एसओ फुगाना को नोटिस, तीन एसआई और एक सिपाही के गैर जमानती वारंट
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र में साकिब की अपहरण के बाद हत्या के मामले में अदालत ने पैरोकार की ओर से समन और गैर जमानती वारंट तामील नहीं कराने पर नाराजगी जताई। एसओ दीपक चौधरी को नोटिस जारी कर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। प्रकरण के गवाह थाने के तीन एसआई और एक सिपाही के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं। जबकि प्रकरण के गवाह दो डॉक्टरों को समन के जरिये तलब किया गया है।
फुगाना के जोगियाखेड़ा गांव में 22 जनवरी 2023 की रात ट्यूबवेल से घर लौटते हुए साकिब का अपहरण कर लिया गया था। बाद में गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी शकील और उसके बेटे बिलाल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
हाईकोर्ट ने प्रकरण का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश जारी किए हैं। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर कर रहे हैं। शनिवार को अदालत में गवाहों के नहीं पहुंचने के कारण गवाही नहीं कराई जा सकी।
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फुगाना थाने के पैरोकार राजकुमार ने मौखिक रूप से अदालत में बताया कि समन तामील नहीं कराए गए हैं। तीन अगस्त को दिए गए आदेश का अध्ययन भी पैरोकार की ओर से नहीं किया गया था, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई।
अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष फुगाना न्यायिक कार्यों में रुचि नहीं ले रहे है और उनकी ओर से पैरोकार के पैरवी रजिस्टर का नियमित रूप से पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में लिया जा रहा है।
अदालत ने समन के जरिये डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सतेंद्र कुमार को गवाही के लिए तलब किया। थाने के एसआई जितेंद्र सिंह, सुदेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, सिपाही अमित कुमार के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं।
थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि क्यों न कर्तव्य में लापरवाही करने के बाबत पुलिस एक्ट, 1861 की धारा 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस की एक प्रति अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन को भेजने के आदेश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
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मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र में साकिब की अपहरण के बाद हत्या के मामले में अदालत ने पैरोकार की ओर से समन और गैर जमानती वारंट तामील नहीं कराने पर नाराजगी जताई। एसओ दीपक चौधरी को नोटिस जारी कर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। प्रकरण के गवाह थाने के तीन एसआई और एक सिपाही के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं। जबकि प्रकरण के गवाह दो डॉक्टरों को समन के जरिये तलब किया गया है।
फुगाना के जोगियाखेड़ा गांव में 22 जनवरी 2023 की रात ट्यूबवेल से घर लौटते हुए साकिब का अपहरण कर लिया गया था। बाद में गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी शकील और उसके बेटे बिलाल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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हाईकोर्ट ने प्रकरण का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश जारी किए हैं। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर कर रहे हैं। शनिवार को अदालत में गवाहों के नहीं पहुंचने के कारण गवाही नहीं कराई जा सकी।
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फुगाना थाने के पैरोकार राजकुमार ने मौखिक रूप से अदालत में बताया कि समन तामील नहीं कराए गए हैं। तीन अगस्त को दिए गए आदेश का अध्ययन भी पैरोकार की ओर से नहीं किया गया था, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई।
अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि थानाध्यक्ष फुगाना न्यायिक कार्यों में रुचि नहीं ले रहे है और उनकी ओर से पैरोकार के पैरवी रजिस्टर का नियमित रूप से पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है। न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में लिया जा रहा है।
अदालत ने समन के जरिये डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सतेंद्र कुमार को गवाही के लिए तलब किया। थाने के एसआई जितेंद्र सिंह, सुदेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, सिपाही अमित कुमार के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं।
थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि क्यों न कर्तव्य में लापरवाही करने के बाबत पुलिस एक्ट, 1861 की धारा 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस की एक प्रति अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन को भेजने के आदेश दिए गए हैं। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।