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Muzaffarnagar News: मोरना मिल पर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने किया धरना प्रदर्शन
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चीनी मिल मोरना में ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक से बात करते भाकियू ब्लाक अध्यक्ष अनूज राठी। संवाद
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मोरना। दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना में भाकियू टिकैत ने धरना प्रदर्शन किया। ब्लाॅक अध्यक्ष अनुज राठी ने खाद गोदाम कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के आरोप लगाए। बेहडा थ्रू के पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र उर्फ बिट्टू ने कहा कि मिल के गन्नाधिकारी गाड़ी में डंडा रखा होना कहते हुए धमकाते है। इस पर किसानों ने गन्नाधिकारी के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की। मिल प्रबंधक को ज्ञापन भी सौंपा गया।
दोपहर के समय सैकड़ों कार्यकर्ता मिल परिसर में एकत्र हुए और धरना देकर बैठ गए। मिल प्रबंधक को ज्ञापन देकर कहा कि किसानों को गन्ना मिल विकास समिति की ओर से दवाइयां पर सब्सिडी साथ के साथ मिलनी चाहिए। किसानों का पिछले वर्ष की तरह गन्ना सट्टा यथास्थिति में रखा जाए। किसानों की गन्ना फसल पर मिल संस्थान टैंकरों से स्प्रे कराने की व्यवस्था करें। खाद और दवाई की लिमिट में बढ़ोतरी, कृषि उपयोगी यंत्रों पर समय पर सब्सिडी आदि की मांग रखी।
कहा गया कि मिल में एक गांव के ही दो दर्जन से अधिक लोग नौकरी पर रखे गए है। क्षेत्र के प्रत्येक गांव के नौजवानों को समान रूप से रोजगार मिलना चाहिए। चीनी मिल मोरना पर सभी गांवों के किसान अपना शत-प्रतिशत गन्ना सट्टा सप्लाई करते हैं।
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इस दौरान मिल प्रबंधक ने मिल कर्मचारियों को किसानों के साथ अच्छा व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी। तब कहीं जाकर किसान शांत हुए। किसान श्यामवीर, रवींद्र कैप्टन, मोंटी राठी, संजीव तोमर, अजय चौधरी, धर्मेंद्र, दिलशाद, विनय त्यागी, अरुण, किशोर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
मिल प्रबंधक बीपी पांडेय ने कहा कि जो कर्मचारी जांच में दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों और अधिकारी अपने आचरण और व्यवहार को साफ सुथरा बनाएं।
दोपहर के समय सैकड़ों कार्यकर्ता मिल परिसर में एकत्र हुए और धरना देकर बैठ गए। मिल प्रबंधक को ज्ञापन देकर कहा कि किसानों को गन्ना मिल विकास समिति की ओर से दवाइयां पर सब्सिडी साथ के साथ मिलनी चाहिए। किसानों का पिछले वर्ष की तरह गन्ना सट्टा यथास्थिति में रखा जाए। किसानों की गन्ना फसल पर मिल संस्थान टैंकरों से स्प्रे कराने की व्यवस्था करें। खाद और दवाई की लिमिट में बढ़ोतरी, कृषि उपयोगी यंत्रों पर समय पर सब्सिडी आदि की मांग रखी।
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कहा गया कि मिल में एक गांव के ही दो दर्जन से अधिक लोग नौकरी पर रखे गए है। क्षेत्र के प्रत्येक गांव के नौजवानों को समान रूप से रोजगार मिलना चाहिए। चीनी मिल मोरना पर सभी गांवों के किसान अपना शत-प्रतिशत गन्ना सट्टा सप्लाई करते हैं।
इस दौरान मिल प्रबंधक ने मिल कर्मचारियों को किसानों के साथ अच्छा व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी। तब कहीं जाकर किसान शांत हुए। किसान श्यामवीर, रवींद्र कैप्टन, मोंटी राठी, संजीव तोमर, अजय चौधरी, धर्मेंद्र, दिलशाद, विनय त्यागी, अरुण, किशोर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
मिल प्रबंधक बीपी पांडेय ने कहा कि जो कर्मचारी जांच में दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों और अधिकारी अपने आचरण और व्यवहार को साफ सुथरा बनाएं।