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Muzaffarnagar News: अवैध शस्त्रों की खरीद फरोख्त करने वाले चार गिरफ्तार
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मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को न्याजूपुरा चरथावल रोड से गिरफ्तार किया। उनसे एक पिस्टल व पांच तमंचे बरामद हुए। सभी आरोपी युवा हैं। वे पहली बार पकड़े गए हैं। वे पिस्टल साठ हजार व तमंचा पांच से 10 हजार रुपये में बेचते थे।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान न्याजूपुरा चरथावल रोड पर काली नदी पुल के पास खाली प्लाॅटिंग से बुढ़ाना कोतवाली के गांव विज्ञाना निवासी मोहम्मद अनस व नदीम, शहर कोतवाली के मिमलाना रोड निवासी आरिस उर्फ बिटटू व न्याजूपुरा निवासी सलीम उर्फ वसीम को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनसे एक पिस्टल व पांच तमंचे, दो खाली मैगजीन व चार हजार रुपये नकद बरामद हुए। सभी युवा हैं। वह अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त का काम करते हैं।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर बेचने की भी आशंका है। चुनावी रंजिशों में धमकाने में प्रयोग किए जा सकते थे। गिरफ्तार एक आरोपी के पास पिस्टल काफी पहले से रखी हुई थी, जिसे वह 60 हजार में बेच रहा था। इंस्टाग्राम पर भी ये अपनी वीडियो अवैध हथियार के साथ भी डालते हैं ताकि किसी को डरा धमका सकें और लोकप्रियता प्राप्त कर सकें।
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अब तक पकड़े 500 शस्त्र
एसएसपी ने बताया कि अब तक पुलिस 500 से ज्यादा अवैध शस्त्र बरामद व एक हजार से ज्यादा कारतूस बरामद कर चुकी है। दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखें। युवा अपराध करने व शौक के कारण अपना भविष्य चौपट कर रहे हैं।
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पूछताछ में बताया
आरोपी सलीम उर्फ वसीम ने पुलिस को बताया कि वह नदीम से पिस्टल व तमंचा शौक के लिए खरीदा था। अनस ने कहा कि उसने दो तमंचे आरिस उर्फ बिट्टू को बेच थे। उससे जो दो हजार रुपये बरामद हुए हैं। वह आरिस उर्फ बिट्टू ने एडवांस के तौर पर दिए थे।
उससे जो तमंचा बरामद हुआ है, उसे अपनी हिफाजत के लिए रखता है। इन तमंचों को एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। नदीम ने बताया कि वह यहां पर तमंचा पिस्टल बेचने के लिए आया था। एक पिस्टल, तमंचा, दो मैग्जीन, नौ जिंदा कारतूस सलीम उर्फ वसीम को बेचे हैं। जो दो हजार रुपये बरामद हुए हैं, वे भी उसे सलीम उर्फ वसीम ने दिए हैं। शेष रुपये बाद में देने को कहा। आरिस उर्फ बिट्टू ने बताया कि उसने दो तमंचे अनस से खरीदे हैं। दो हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए। यह तमंचे शौक के लिए खरीदे हैं।
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कारतूसों की जांच के आदेश
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि तमंचे बनाए जाते हैं लेकिन कारतूस बनाए नहीं जा सकते। कारतूस शस्त्र बेचने वालों के यहां से खरीदे जा सकते हैं। उन्होंने इस बारे में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा को जांच के आदेश दिए।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान न्याजूपुरा चरथावल रोड पर काली नदी पुल के पास खाली प्लाॅटिंग से बुढ़ाना कोतवाली के गांव विज्ञाना निवासी मोहम्मद अनस व नदीम, शहर कोतवाली के मिमलाना रोड निवासी आरिस उर्फ बिटटू व न्याजूपुरा निवासी सलीम उर्फ वसीम को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनसे एक पिस्टल व पांच तमंचे, दो खाली मैगजीन व चार हजार रुपये नकद बरामद हुए। सभी युवा हैं। वह अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त का काम करते हैं।
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पंचायत चुनाव के मद्देनजर बेचने की भी आशंका है। चुनावी रंजिशों में धमकाने में प्रयोग किए जा सकते थे। गिरफ्तार एक आरोपी के पास पिस्टल काफी पहले से रखी हुई थी, जिसे वह 60 हजार में बेच रहा था। इंस्टाग्राम पर भी ये अपनी वीडियो अवैध हथियार के साथ भी डालते हैं ताकि किसी को डरा धमका सकें और लोकप्रियता प्राप्त कर सकें।
अब तक पकड़े 500 शस्त्र
एसएसपी ने बताया कि अब तक पुलिस 500 से ज्यादा अवैध शस्त्र बरामद व एक हजार से ज्यादा कारतूस बरामद कर चुकी है। दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखें। युवा अपराध करने व शौक के कारण अपना भविष्य चौपट कर रहे हैं।
पूछताछ में बताया
आरोपी सलीम उर्फ वसीम ने पुलिस को बताया कि वह नदीम से पिस्टल व तमंचा शौक के लिए खरीदा था। अनस ने कहा कि उसने दो तमंचे आरिस उर्फ बिट्टू को बेच थे। उससे जो दो हजार रुपये बरामद हुए हैं। वह आरिस उर्फ बिट्टू ने एडवांस के तौर पर दिए थे।
उससे जो तमंचा बरामद हुआ है, उसे अपनी हिफाजत के लिए रखता है। इन तमंचों को एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। नदीम ने बताया कि वह यहां पर तमंचा पिस्टल बेचने के लिए आया था। एक पिस्टल, तमंचा, दो मैग्जीन, नौ जिंदा कारतूस सलीम उर्फ वसीम को बेचे हैं। जो दो हजार रुपये बरामद हुए हैं, वे भी उसे सलीम उर्फ वसीम ने दिए हैं। शेष रुपये बाद में देने को कहा। आरिस उर्फ बिट्टू ने बताया कि उसने दो तमंचे अनस से खरीदे हैं। दो हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए। यह तमंचे शौक के लिए खरीदे हैं।
कारतूसों की जांच के आदेश
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि तमंचे बनाए जाते हैं लेकिन कारतूस बनाए नहीं जा सकते। कारतूस शस्त्र बेचने वालों के यहां से खरीदे जा सकते हैं। उन्होंने इस बारे में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा को जांच के आदेश दिए।

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