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मुठभेड़ में बदमाश ढेर: पार्षद, क्रिकेटर से दरिंदा बना सत्तू, नौकरी दिलाने के बहाने लूटता था किशोरियों की अस्मत

अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Tue, 23 Jun 2026 10:39 PM IST
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सार

Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू को दो गोलियां मारकर ढेर कर दिया। वह हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसे कई मामलों में वांछित था और पुलिस कस्टडी से फरार चल रहा था। मेरठ और आसपास के जिलों में भी वह सक्रिय था। 

Criminal killed in encounter: Sattu—who went from councilor and cricketer to predator—violated teenage girls
मुठभेड़ में मारा गया बदमाश सतपाल उर्फ सत्ता और घायल पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के पचैंडा गांव और चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू ने शातिराना अंदाज से कई किशोरियों का अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया। नौकरी की चाह रखने वाले परिवारों के बीच वह खुद को फौजी बताता था। किशोरियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर ले जाता। अकेले पश्चिम उत्तर प्रदेश में ही कई मामले सामने आए। किशोरी के मिल जाने के बाद कई परिवार पुलिस तक नहीं पहुंचे।

 

Criminal killed in encounter: Sattu—who went from councilor and cricketer to predator—violated teenage girls
सतपाल से बरामद कार। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर कचहरी से 19 जून को तितावी क्षेत्र की किशोरी का अपहरण हुआ। पुलिस अधीक्षक सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल की उम्र लगभग 50 साल होगी। वह रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे व अन्य ऐसे ही स्थानों पर जाकर किशोरियों से बातचीत कर अपने जाल में फंसा लेता था। यही नहीं उनके घर चला जाता था। परिजनों को किशोरी की नौकरी का लगवाने का झांसा देकर बहाने से अपनी गाड़ी में बैठाता और अपहरण कर ले जाता था। मेरठ, बरेली, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों मामले सामने आए हैं।
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केस-1
मुजफ्फरनगर शहर के रामपुरी निवासी एक किशोरी का नौकरी को बहाने अपहरण कर लिया। अपनी कार में बैठाकर हरियाणा जाने लगा। सरसावा पहुंचते ही किशोरी को अपने अपहरण का आभास हुआ। किसी तरह कार से कूद जान बचाई थी। मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को पिटाई कर पुलिस को सौंपा दिया। तब परिजनों ने कार्रवाई नहीं की और पुलिस ने भी आरोपी का शांतिभंग में चालान कर दिया था।
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केस-2
हरियाणा के करनाल से छह महीने पहले एक किशोरी को निशाना बनाया। किशोरी के घर पहुंचकर उसके परिवार से बातचीत की। परिवार ने नौकरी की आवश्यकता बताई तो आरोपी ने खुद को फौजी बताया। इसके बाद किशोरी को इंटरव्यू के बहाने अपने साथ कार में लेकर मेरठ आ गया। पकड़े जाने पर पल्लवपुरम थाने में मामला दर्ज है।
 

केस-3
तितावी क्षेत्र में धार्मिक स्थल पर आरोपी खड़े होकर किशोरियों को निशाना बनाता था। इसी महीने 18 जून को वह धार्मिक स्थल पर पहुंचा। एक परिवार से बहाने से बात करने लगा। घुल-मिलकर रात में उनके घर ही चला गया। रात में परिवार से बातचीत हुई तो उन्होंने नौकरी की जरूरत बताई। कचहरी में 19 जून को किशोरी और उसके पिता को कार में लेकर पहुंचा। पिता को आधार कार्ड लेने के बहाने भेज दिया और इस बीच किशोरी का अपहरण कर पिस्टल से डराते हुए पंजाब ले गया।
 

पार्षद और क्रिकेट का खिलाड़ी रहा
पुलिस अधीक्षक सिटी ने बताया कि सत्तू 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद भी रहा था। 2010 से धागा लदा ट्रक लूटने के मामले में वह मेरठ जेल में रहा। जेल से ही वह क्रिकेट लीग का हिस्सा भी रहा। गेंदबाजी में कई इनाम भी जीत लिए थे। ट्रक लूट की घटना में उसकी पत्नी भी जेल गई थी। इस घटना से पहले उसने अपनी पत्नी की कार का प्रयोग कर साथियों के साथ मिलकर हत्या की घटना की।
 

मुजफ्फरनगर का गिरोह, छोटा राजन से जुड़े तार
सत्तू ने जनपद के बदमाशों का गिरोह तैयार कर लिया था। बाद में वह मुंबई के छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ गया। सत्तू 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जेल में रहा। इसके बाद उसे मेरठ जेल ट्रांसफर किया गया। 2024 में चंडीगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। फिर जमानत पर जेल से रिहा हुआ।

पत्नी के प्रेमी की हत्या, फिर लुधियाना जेल गया
जेल से बाहर आने के बाद सत्तू ने अपनी पत्नी के प्रेमी को बहाने से ले जाकर चंडीगढ़ के समराला थाना क्षेत्र में हत्या कर दी थी। वह इस मामले में लुधियाना जेल चला गया। वहां वह बीमार रहने का नाटक करने लगा। एक बार उसने अपनी बेटी के यूपी में एसडीएम बनने की झूठी बात बताते हुए मिठाई बंटवा दी थी। बीमार रहने के बहाने के चलते उसे दो बार सिविल अस्पताल लुधियाना ले जाया गया। तीसरी बार में वह अस्पताल से छह फरवरी 2026 को पुलिस कस्टडी से भाग गया। वह तभी से वांछित चल रहा था। उसने चंडीगढ़ के मेयर व साथियों पर भी फायरिंग की और मेरठ में रंगदारी मांगी थी।

घटना के बाद जंगल के रास्ते भागता था
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना करने के बाद सत्तू मुख्य मार्ग से न जाकर जंगल के रास्ते भागता था। जंगल में किशोरी के साथ हथियार के बल पर दुष्कर्म करता था। उसके शव को डॉक्टरों के तीन पैनल से वीडियोग्राफी कराते हुए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वह अपने पास कीपैड वाला छोटा मोबाइल रखता था। उससे तितावी निवासी पीड़िता के मोबाइल फोन, जेवर व 6390 रुपये बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ पहला मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में अवैध शस्त्र बरामद होने का है। जानसठ में 2010 में जानलेवा हमला व गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज है।

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दो बार रणजी क्रिकेट खेला, युवराज सिंह के साथ भी खेल चुका मैच
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू 1996 व इसके बाद मोहाली व जालंधर में दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता खेला था। वह खिलाड़ी युवराज के साथ भी खेल चुका है। उसने युवराज के पिता पर भी हमला कर किया था। लुधियाना जेल में रहने के दौरान 2024 में कैंटीन का ठेका भी लिया था। अनिकेत फौजी बनकर तितावी निवासी किशोरी को सफाई कर्मचारी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण किया था। अनिकेत नाम का उससे एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। वह लुधियाना की पुलिस कस्टडी से अस्पताल से भागा था। 
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