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Lucknow Fire: कलेजा ही चीर गया कलेजे का टुकड़ा, साथ पढ़े-खेले और साथ ही दुनिया से विदा; सूरज और संयम थे दोस्त
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 24 Jun 2026 09:15 AM IST
सार
लखनऊ अग्निकांड में कानपुर के दो घरों के चिराग बुझ गए। दोनों दोस्त साथ में पढ़े-खेले और साथ ही दुनिया से विदा हो गए। परिजनों ने कहा कि दम घुटने से दोनों की मौत हुई है। उनके शरीर काले पड़ गए थे।
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Lucknow Fire
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लखनऊ कोचिंग सेंटर की आग ने कानपुर के दो घरों के चिराग बुझा दिए। गोविंदनगर और बर्रा में रहने वाले सूरज और संयम दोनों में वर्षों पुरानी दोस्ती थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों साथ पढ़े और फिर कॅरिअर बनाने के लिए भी दोनों ने एक साथ एनिमेशन स्टूडियो की नौकरी जॉइन की। दोनों ने एक साथ दुनिया भी छोड़ दी।
परिजनों के मुताबिक, दोनों की मौत दम घुटने से हुई लेकिन उनके शरीर जरूर काले पड़ गए थे। ऐसा लग रहा है कि दोनों ने भी खुद को किसी कमरे अथवा बाथरूम में बंद कर लिया था। मंगलवार तड़के करीब पांच बजे गोविंदनगर 11 ब्लॉक निवासी संयम का शव घर पहुंचा और साढ़े छह बजे के आसपास सूरज का शव बर्रा-सात लाया गया। फिर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ।
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संयम विज की मां रोते-बिलखते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कलेजा ही चीर गया कलेजा का टुकड़ा
मंगलवार की सुबह संयम का शव घर के दरवाजे पर रखा था। मां सोनिया अचानक चीख पड़ती हैं... ऐसे कैसे बिना कुछ बताए चला गया बेटा। कुछ तो बोल बेटा... तेरी मां तेरी एक आवाज सुनने को तड़प रही है।
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संयम विज की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उनके यह भावुक शब्द आसपास बैठीं महिलाओं का कलेजा चीर रहे थे। कभी संयम की भाभी पलक अपनी सास का हाथ पकड़कर फफक पड़ती तो कभी सूरज का बड़ा भाई शुभम अपनी मां को सीने से लिपटाकर उन्हें ढांढस बंधा रहा था।
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लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
मामा सौरभ दुआ के मुताबिक कितने अरमान थे भांजे की बरात करने के। क्या पता था कि बरात की जगह उसकी शव यात्रा में शामिल होना पड़ेगा। मोहल्ले के लोग भी संयम के अच्छे व्यवहार की चर्चा कर रहे थे।
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लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
दादी के 17वें पर उठी संयम की अर्थी
संयम की दादी ऊषा रानी का 17 दिन पहले निधन हुआ था। मंगलवार को उनका सत्रहवां संस्कार होना था। इसमें शामिल होने के लिए संयम को भी मंगलवार सुबह ही आना था उसकी जगह उसका शव आया तो मोहल्ले के लोग भी भावुक हो गए। मां सोनिया काफी दूर तक बेटे के शव के पीछे रोते हुए गई। बर्रा दो स्थित स्वर्गाश्रम में संयम के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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