{"_id":"6a7a2c685c5b4b323e043c12","slug":"girls-from-the-playground-jumped-into-the-dak-kanwar-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-177993-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: खेल के मैदान वाली बेटियों ने डाक कांवड़ में लगाई छलांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: खेल के मैदान वाली बेटियों ने डाक कांवड़ में लगाई छलांग
विज्ञापन
बड़ौत रोड पर डाक कांवड़ में बाइक पर सवार होकर गुजरती हरियाणा की महिला डाक कांवड़ियां : संवाद
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। कांवड़ मार्ग पर फर्राटा भरती 14 बेटियों की कहानी सिर्फ मन्नतों की नहीं है। सालों से डाक कांवड़ पर पुरुषों के वर्चस्व को तोड़कर गंगाजल से महिला सशक्तीकरण लिखने का जज्बा भी है। हरिद्वार से हरियाणा के ढाणी फोगाट तक तीन सौ किमी का सफर कांवड़ मार्ग पर महिलाओं की यात्रा की नई सुबह है। सबने देखा हाईवे पर बेटे पीछे छूटते गए और बेटियां अपनी यात्रा लेकर आगे बढ़ गई।
जोश और जज्बे की यह दास्तान भिवानी के ढाणी फोगाट गांव से तीन बहनों के संकल्प से शुरू हुई। फुटबाल की नेशनल खिलाड़ी नेहा फोगाट, प्रीति फोगाट और निधि फोगाट ने गांव के स्टेडियम में डाक कांवड़ लाने की चर्चा शुरू की। बात शुरू होते ही उनके साथ खेलने वाली 14 खिलाड़ी तैयार हो गई।
नेहा बताती हैं कि वह पहले भी कांवड़ लेकर आई है। डाक कांवड़ के सफर की मुश्किलों का हर समाधान सोचकर यात्रा की तैयारी की गई। डाक कांवड़ में पुरुषों का वर्चस्व माना जाता है लेकिन हम खिलाड़ी होने के नाते इस यात्रा को पूरा करना चाहती थीं। मन्नतें सबकी होती है लेकिन हमारा संकल्प बड़ा था। परिवारों ने हामी भर दी, हमारे गांव ने साथ दिया। इसके बाद हम यात्रा पर निकल पड़ीं।
विज्ञापन
-- -- -- --
इस तरह शुरू गंगाजल लाने की यात्रा
सुबह सवा छह बजे 14 खिलाड़ियों के ग्रुप ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया था। इसके बाद दौड़ना शुरू किया तो उनके कदम नहीं थमे। शाम पांच बजे बजे मुजफ्फरनगर पहुंची निधि ने बताया कि गांव के शिवालय पर रात के नौ बजे पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। घर से डीसीएम में सवार होकर वह रविवार को निकली थीं।
-- -- -- --
ग्रुप में यह सदस्य रहीं शामिल
नेहा फोगाट, प्रीति फोगाट, निधि फोगाट, नेहा जांगड़ा, खुशी राजपूत, परी, अंतिमा, पूनम, नीलू, वनिता, कोमल, खुशी, कविता, मन्नू।
-- -- -- --
ये बोले कोच
यात्रा के साथ चल रहे कोच कालूराम कहते हैं कि बेटियों ने रास्ते में पुरुषों की डाक कांवड़ को भी पीछे छोड़ दिया। तय समय और अनुशासन के साथ आगे बढ़ी। यह कांवड़ नारी शक्ति के हौसले और दृढ़ संकल्प की मिसाल हैं। आने वाले सालों में डाक कांवड़ में लड़कियों की संख्या बढ़ेगी।
विज्ञापन
जोश और जज्बे की यह दास्तान भिवानी के ढाणी फोगाट गांव से तीन बहनों के संकल्प से शुरू हुई। फुटबाल की नेशनल खिलाड़ी नेहा फोगाट, प्रीति फोगाट और निधि फोगाट ने गांव के स्टेडियम में डाक कांवड़ लाने की चर्चा शुरू की। बात शुरू होते ही उनके साथ खेलने वाली 14 खिलाड़ी तैयार हो गई।
विज्ञापन
नेहा बताती हैं कि वह पहले भी कांवड़ लेकर आई है। डाक कांवड़ के सफर की मुश्किलों का हर समाधान सोचकर यात्रा की तैयारी की गई। डाक कांवड़ में पुरुषों का वर्चस्व माना जाता है लेकिन हम खिलाड़ी होने के नाते इस यात्रा को पूरा करना चाहती थीं। मन्नतें सबकी होती है लेकिन हमारा संकल्प बड़ा था। परिवारों ने हामी भर दी, हमारे गांव ने साथ दिया। इसके बाद हम यात्रा पर निकल पड़ीं।
विज्ञापन
इस तरह शुरू गंगाजल लाने की यात्रा
सुबह सवा छह बजे 14 खिलाड़ियों के ग्रुप ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया था। इसके बाद दौड़ना शुरू किया तो उनके कदम नहीं थमे। शाम पांच बजे बजे मुजफ्फरनगर पहुंची निधि ने बताया कि गांव के शिवालय पर रात के नौ बजे पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। घर से डीसीएम में सवार होकर वह रविवार को निकली थीं।
ग्रुप में यह सदस्य रहीं शामिल
नेहा फोगाट, प्रीति फोगाट, निधि फोगाट, नेहा जांगड़ा, खुशी राजपूत, परी, अंतिमा, पूनम, नीलू, वनिता, कोमल, खुशी, कविता, मन्नू।
ये बोले कोच
यात्रा के साथ चल रहे कोच कालूराम कहते हैं कि बेटियों ने रास्ते में पुरुषों की डाक कांवड़ को भी पीछे छोड़ दिया। तय समय और अनुशासन के साथ आगे बढ़ी। यह कांवड़ नारी शक्ति के हौसले और दृढ़ संकल्प की मिसाल हैं। आने वाले सालों में डाक कांवड़ में लड़कियों की संख्या बढ़ेगी।

बड़ौत रोड पर डाक कांवड़ में बाइक पर सवार होकर गुजरती हरियाणा की महिला डाक कांवड़ियां : संवाद- फोटो : 1