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कांवड़ यात्रा: घरवाले हो जाएं शादी पर राजी, मन्नत के साथ कांवड़ ला रहा प्रेमी जोड़ा; दीक्षा दे रही ये संदेश
Tue, 04 Aug 2026 11:01 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:01 PM IST
सार
Muzaffarnagar News: बुलंदशहर निवासी प्रेमी युगल अपनी शादी के लिए हरिद्वार से जल लेकर लौट रहा है। वहीं हरियाणा की 12 साल की दीक्षा शाकाहार का संदेश देते हुए अपनी मिनी बाइक पर जल लेकर आ रही है।
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कांवड़ लेकर आता प्रेमी युगल और मिनी बाइक पर निकली दीक्षा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांवड़ यात्रा का अवसर इस बार भी अपने साथ कई अनूठी कहानियां लेकर आया है। जहां एक ओर बुलंदशहर का एक प्रेमी युगल अपनी शादी के लिए परिवार की रजामंदी की मन्नत लेकर 111 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठा रहा है, वहीं हरियाणा की 12 वर्षीय बालिका दीक्षा शाकाहार और पशु-प्रेम का संदेश देते हुए मिनी बाइक पर कांवड़ यात्रा पर निकली है। ये दोनों ही मामले मुजफ्फरनगर के कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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शादी की मन्नत के लिए 111 लीटर गंगाजल की कांवड़
बुलंदशहर निवासी युवक-युवती की कहानी प्रेम व आस्था का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे इस युगल ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व एक शादी समारोह में उनकी मुलाकात हुई थी। हालांकि, उनके परिवार अभी उनकी शादी के लिए सहमत नहीं हैं। इसी बाधा को पार करने और अपने परिवार को शादी के लिए राजी करने की मन्नत के साथ, दोनों ने 111 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ उठाई है।
बुलंदशहर निवासी युवक-युवती की कहानी प्रेम व आस्था का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे इस युगल ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व एक शादी समारोह में उनकी मुलाकात हुई थी। हालांकि, उनके परिवार अभी उनकी शादी के लिए सहमत नहीं हैं। इसी बाधा को पार करने और अपने परिवार को शादी के लिए राजी करने की मन्नत के साथ, दोनों ने 111 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ उठाई है।
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युवक ने बताया कि यह कांवड़ उनकी गहरी आस्था और संकल्प का प्रतीक है। वहीं, युवती ने कहा कि वे 28 जुलाई से इस यात्रा पर हैं और गांव पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी। उनकी यह अनोखी कांवड़ मुजफ्फरनगर के मार्ग पर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो न केवल आस्था को बल्कि प्रेम की शक्ति को भी दर्शाती है।
शाकाहार का संदेश लेकर मिनी बाइक पर कांवड़ यात्रा
इस कांवड़ यात्रा में एक और चेहरा जिसने सबका ध्यान खींचा, वह है हरियाणा के झज्जर जिले की 12 वर्षीय दीक्षा। कक्षा सातवीं की छात्रा दीक्षा अपनी मिनी बाइक पर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर रही है और रास्ते में शाकाहार व पशु-पक्षियों के प्रति दया का संदेश दे रही है। शिव चौक पर वह श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस कांवड़ यात्रा में एक और चेहरा जिसने सबका ध्यान खींचा, वह है हरियाणा के झज्जर जिले की 12 वर्षीय दीक्षा। कक्षा सातवीं की छात्रा दीक्षा अपनी मिनी बाइक पर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर रही है और रास्ते में शाकाहार व पशु-पक्षियों के प्रति दया का संदेश दे रही है। शिव चौक पर वह श्रद्धालुओं और राहगीरों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।
दीक्षा के साथ उसके चाचा रणधीर भी यात्रा में शामिल हैं। दीक्षा ने बताया कि उसे यह शिक्षा उसकी मां से मिली है और वह चाहती है कि सभी लोग शाकाहारी बनें और जीवों के प्रति प्रेम रखें। उज्जैन यात्रा के दौरान भी उसने सनातन संस्कृति से जुड़े इन मूल्यों को सीखा। दीक्षा के पिता वीरेंद्र ने उसे यह मिनी बाइक दिल्ली से लाकर दी थी, और उसे बचपन से ही बाइक चलाने का शौक है। दीक्षा की यह यात्रा न केवल उसकी बहादुरी को दर्शाती है, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश को भी जन-जन तक पहुंचा रही है।
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