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Muzaffarnagar: कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली ले जा रहे थे तीन बेटे, रास्ते में पिता की मौत
Mon, 03 Aug 2026 05:38 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 03 Aug 2026 05:38 PM IST
सार
दिल्ली के बदरपुर निवासी तीन भाई माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर ला रहे थे। हरिद्वार से जल उठाकर चल दिए थे। मुजफ्फरनगर के छपार में पिता की तबीयत खराब हो गई। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के बदरपुर निवासी अमित, उसके भाई दीपक और मनीष की काफी दिनों से इच्छा थी कि वह अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से जल लेकर आएं। लेकिन उनकी इच्छा रास्ते में दम तोड़ गई। वह कांवड़ में माता-पिता को बैठाकर लेकर तो आए, लेकिन रास्ते में उनके पिता जगदीश (60) की मौत हो गई।
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सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले तीनों भाइयों में प्रेम हैं। उनके पिता जगदीश मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। तीनों भाई भी पिता का हाथ बंटाने के लिए काम करते रहते थे। तीनों भाइयों की काफी दिनों से इच्छा थी कि वह माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर आएं।
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तीनों भाई चार दिन पहले माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से जल लेकर चले थे। विभिन्न स्थानों पर रुकते हुए वह अपनी यात्रा को पूरा कर रहे थे। हरिद्वार से आते हुए वह छपार क्षेत्र में सिसौना लिंक मार्ग पर रुके थे। इसी दौरान उनके पिता को सांस लेने में परेशानी हुई। वह एंबुलेंस की मदद से पिता को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने उपचार दिया लेकिन कुछ देर बाद मौत हो गई।
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तीनों भाइयों ने कोई भी कानूनी कार्रवाई कराने से मना कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि शव परिजनों को सौंप दिया गया। वह शव लेकर रवाना हो गए।