Muzaffarnagar: कांवड़ यात्रा के दौरान महिला ने जुड़वा बेटों को दिया जन्म, नाम रखा गणेश और कार्तिकेय
हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही गर्भवती महिला ने मुजफ्फरनगर के जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। समय से पहले जन्म होने के कारण दोनों नवजातों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। फिलहाल मां और दोनों बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
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मुजफ्फरनगर में हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही गर्भवती महिला ने जिला महिला चिकित्सालय में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। दोनों नवजातों का जन्म समय से पहले होने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों की हालत अब सामान्य है।
सात माह की गर्भवती थी महिला
जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर ने बताया कि पिलखुआ निवासी 30 वर्षीय नेहा, पत्नी अनुराग, हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही थीं। सोमवार सुबह करीब 9:13 बजे उन्हें प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में लाया गया।
जांच में पता चला कि महिला सात माह की गर्भवती है और प्रसव शुरू हो चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लेबर रूम में भर्ती किया गया, जहां उन्होंने दो बेटों को जन्म दिया। दोनों बच्चों के जन्म में करीब दो मिनट का अंतर रहा।
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एसएनसीयू में चल रहा नवजातों का उपचार
समय से पहले जन्म होने के कारण दोनों नवजातों को सांस लेने में दिक्कत हुई। चिकित्सकों ने तत्काल दोनों को एसएनसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार दोनों बच्चों की निगरानी कर रहे हैं और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य है। प्रसूता नेहा की तबीयत भी स्थिर है।
एसएसपी ने नवजातों को दिए उपहार
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने अस्पताल पहुंचकर एसएनसीयू में भर्ती दोनों नवजातों का हालचाल जाना और उन्हें उपहार भेंट किए। परिवार ने दोनों बच्चों का नाम गणेश और कार्तिकेय रखा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रसूता के पति अनुराग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। फिलहाल अस्पताल में मां और दोनों नवजातों की देखभाल की जा रही है।