पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Rajbir Murder Case: Former Village Head and Aide Sentenced to Death, Court Makes Strong Remark on Democracy

Muzaffarnagar: 16 वर्ष पुराने हत्याकांड में फैसला, दो को फांसी की सजा, अदालत की लोकतंत्र पर सख्त टिप्पणी

Mon, 06 Jul 2026 12:46 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 06 Jul 2026 12:46 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर के मांडी गांव में 16 वर्ष पहले हुए राजबीर सिंह हत्याकांड में पूर्व प्रधान प्रमोद और सहदेव उर्फ पप्पू को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र का आधार मतपत्र है, हथियार नहीं। विवेचना में लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की संस्तुति की गई।

विज्ञापन
Rajbir Murder Case: Former Village Head and Aide Sentenced to Death, Court Makes Strong Remark on Democracy
राजबीर हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी की सजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में 16 वर्ष पहले किसान राजबीर सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पूर्व प्रधान प्रमोद और उसके साथी सहदेव उर्फ पप्पू को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा त्वरित न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाते हुए पंचायत चुनाव की रंजिश में हुई इस हत्या को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया। साथ ही विवेचना में लापरवाही को लेकर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: मेरठ के कारोबारी के नैनीताल रिजॉर्ट पर छापा, बिना अनुमति चल रही थी शराब पार्टी, महिलाओं पर उड़ा रहे थे नोट

विज्ञापन
विज्ञापन

16 वर्ष पुराने हत्याकांड में आया फैसला
मांडी गांव निवासी किसान राजबीर सिंह (60) की 24 अगस्त 2010 को खेत पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनके पुत्र प्रदीप कुमार ने अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में गांव के ही प्रमोद और सहदेव उर्फ पप्पू के नाम सामने आए, जिसके बाद दोनों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 30 जून को दोनों का दोष सिद्ध हो चुका था और अब न्यायालय ने उन्हें मृत्युदंड से दंडित किया है।

चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह, आठ गवाहों ने मजबूत किया अभियोजन पक्ष
अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रधान पद के चुनाव की रंजिश के कारण इस हत्या की साजिश रची गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आठ गवाह प्रस्तुत किए। जांच में अमित और विपिन शर्मा के नाम भी सामने आए थे, लेकिन दोनों की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो जाने के कारण उनका नाम आरोपपत्र में शामिल नहीं किया गया।

फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि लोकतंत्र का आधार मतपत्र है, हथियार नहीं। पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है और चुनावी प्रतिस्पर्धा का समाधान हिंसा नहीं हो सकता।

अभियोजन ने पुराने अपराधों का भी किया उल्लेख
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय मुजफ्फरनगर को अपराध की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाने लगा था। न्यायालय के समक्ष विक्की त्यागी की न्यायालय परिसर में हुई हत्या, मुजफ्फरनगर दंगे तथा उस दौर की अपराध संबंधी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। जिन पर भौकाल जैसी वेब सीरीज बनाई गई। अभियोजन ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जिले की छवि में सुधार आया है। 

दोना फैक्टरी से चर्चा में आया राजबीर का पौत्र अंकित
मांडी गांव के राजबीर की 16 साल पहले हत्या कर दी गई थी। वर्तमान में मांडी गांव के चर्चित दोना फैक्टरी मामले में उनका परिवार कानून के शिकंजे में घिरा हुआ है। उनके बेटे प्रदीप कुमार को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि पौत्र अंकित बालियान ने होडल में सरेंडर किया है। पुलिस बी-वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। राजबीर के दूसरे बेटे विपिन को भी हरियाणा पुलिस ने अंकित का सरेंडर करने की साजिश का आरोपी बनाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed