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करुणा का नाम राम...भजन करने वालों पर कृपा : बापू
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श्री शुकदेव आश्रय में आयोजित राम कथा में उमड़े श्रद्धालु। संवाद
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मोरना। मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि शुकदेवजी की पहचान न सीमित है, न संकीर्ण, बल्कि आकाश की तरह असीमित है। हृदय विशाल और उदार होना चाहिए। बुद्ध पुरुष और साधु का मुस्कुराना विलक्षण होता है। किसी की मूर्ति रखकर ध्यान करना आसान है। मन की जिज्ञासा को प्रभु समझते हैं। बुद्धि को निर्मल कर राम शरण में पहुंचा दो। एक बार राम नाम बोलने से हजार गुना लाभ होता है। चतुराई छोड़कर जो भजन करेगा उस पर रघुराई कृपा करेंगे।
रामकथा समिति की ओर से श्रीशुकदेव आश्रम शुकतीर्थ में कथा के दूसरे दिन मानस मर्मज्ञ ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ भाषा संस्कृत है। समाधि भाषा में जब ग्रंथ को पढ़ा जाएगा तो संस्कृत बोलने वाला ही समझेगा। आंखों से आंसू गिरने लगे तो समझो भक्ति पक्की है।
विश्व को कबीर की जरूरत है। बुद्ध पुरुष के आगमन को देखना सौभाग्य की बात। अच्छा कर्म भगवान के हृदय को छूता है। कानों को परम पिता की आवाज सुनने का आदी बनाएं। परमात्मा को प्रेम करने वाला कभी कपटी नहीं हो सकता है।
उधर, बापू की कथा में भजन संगीत से तबला वादक पंकज, मजीरा वादक दिलावर, गायक कीर्ति, बैंजो वादक देवेश गिरी, शहनाई वादक गजानन, सितार वादक अनुपमा ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रसाद चखा...पिया गन्ने का रस : श्री शुकदेव आश्रम में कथा मंडप के पास श्रद्धालुओं के भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। उधर, श्री शुकदेव गौशाला के पास गन्ने के रस का लगातार वितरण किया गया।
दूर राज्यों से आए भक्तों को गन्ने का रस पसंद आया मुख्य यजमान चेतन भाई, ट्रस्टर ओमदत्त देव, श्रीराम कथा समिति के जिनेन्द्र गर्ग, प्रदीप जिंदल, अमित गोयल व सत्यप्रकाश रेशू मौजूद रहे।
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रामकथा समिति की ओर से श्रीशुकदेव आश्रम शुकतीर्थ में कथा के दूसरे दिन मानस मर्मज्ञ ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ भाषा संस्कृत है। समाधि भाषा में जब ग्रंथ को पढ़ा जाएगा तो संस्कृत बोलने वाला ही समझेगा। आंखों से आंसू गिरने लगे तो समझो भक्ति पक्की है।
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विश्व को कबीर की जरूरत है। बुद्ध पुरुष के आगमन को देखना सौभाग्य की बात। अच्छा कर्म भगवान के हृदय को छूता है। कानों को परम पिता की आवाज सुनने का आदी बनाएं। परमात्मा को प्रेम करने वाला कभी कपटी नहीं हो सकता है।
उधर, बापू की कथा में भजन संगीत से तबला वादक पंकज, मजीरा वादक दिलावर, गायक कीर्ति, बैंजो वादक देवेश गिरी, शहनाई वादक गजानन, सितार वादक अनुपमा ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रसाद चखा...पिया गन्ने का रस : श्री शुकदेव आश्रम में कथा मंडप के पास श्रद्धालुओं के भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। उधर, श्री शुकदेव गौशाला के पास गन्ने के रस का लगातार वितरण किया गया।
दूर राज्यों से आए भक्तों को गन्ने का रस पसंद आया मुख्य यजमान चेतन भाई, ट्रस्टर ओमदत्त देव, श्रीराम कथा समिति के जिनेन्द्र गर्ग, प्रदीप जिंदल, अमित गोयल व सत्यप्रकाश रेशू मौजूद रहे।

श्री शुकदेव आश्रय में आयोजित राम कथा में उमड़े श्रद्धालु। संवाद

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