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समान नागरिक संहिता के विरोध में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 29 Oct 2016 12:03 AM IST
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खतौली में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली में ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ताओं ने समान नागरिक संहित के विरोध में जुलूस निकलाकर जानसठ तिराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष मुफ्ती उसामा इदरीस नदवी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रोडवेज के पीछे से चलकर जानसठ तिराहे तक विरोध जुलूस निकाला और तिराहे पर पहुुंच कर प्रदर्शन किया।
कहा कि भारतीय संविधान की विशेषता ही यह कि इसमें तमाम धर्मों का सम्मान है। तमाम धर्म के अनुयाइयों की पूर्ण आजादी के साथ अपने अपने धर्म पर चलने की आजादी है। मौलिक अधिकार में इस बात को संविधान में बता दिया गया है। भारत सरकार पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना चाहती है। जिससे भारतीय संविधान कमजोर बन जाएगा और एक अरब 25 करोड़ नागरिकों पर यूनिफार्म सिविल कॉर्ड थोपना संविधान विरोधी है।
कार्यकर्ताओं ने एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। मांग की गई कि भारता की एकता, अखंडता के लिए समान नागरिक संहिता को मंजूर नहीं होने दिया जाए। मौके पर चौधरी जोहर, मोहम्मद जुबैर, आबिद, मोहम्मद वसीम, फराज अहमद, मुकर्रम अंसारी, आफताब, राकिब कुरैशी, शारिक, रिहान, फिरोज, हाफिज गुलफाम, नवाज, रविश आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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कहा कि भारतीय संविधान की विशेषता ही यह कि इसमें तमाम धर्मों का सम्मान है। तमाम धर्म के अनुयाइयों की पूर्ण आजादी के साथ अपने अपने धर्म पर चलने की आजादी है। मौलिक अधिकार में इस बात को संविधान में बता दिया गया है। भारत सरकार पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना चाहती है। जिससे भारतीय संविधान कमजोर बन जाएगा और एक अरब 25 करोड़ नागरिकों पर यूनिफार्म सिविल कॉर्ड थोपना संविधान विरोधी है।
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कार्यकर्ताओं ने एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। मांग की गई कि भारता की एकता, अखंडता के लिए समान नागरिक संहिता को मंजूर नहीं होने दिया जाए। मौके पर चौधरी जोहर, मोहम्मद जुबैर, आबिद, मोहम्मद वसीम, फराज अहमद, मुकर्रम अंसारी, आफताब, राकिब कुरैशी, शारिक, रिहान, फिरोज, हाफिज गुलफाम, नवाज, रविश आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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