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UP: राकेश टिकैत ने बता दिया फॉर्मूला, कैसे बढ़ेगी किसानों की आय, ईरान-इस्राइल युद्ध पर कह दी बड़ी बात
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:53 PM IST
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सार
Muzaffarnagar News: जिले के सिसौली स्थित किसान भवन पर 22 से 25 मार्च तक प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर के किसान आएंगे और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
चौधरी राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भाकियू टिकैत की ओर से सिसौली किसान भवन पर 22 से 25 मार्च तक चार दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुभाष पालेकर किसानों को जीरो बजट प्राकृतिक खेती के तौर-तरीके बताएंगे। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त करने और रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जमीन बचाने के लिए किसानों को आगे आने होगा।
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किसान भवन में आयोजित पंचायत में बोलते नरेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
किसान भवन पर आयोजित भाकियू की मासिक पंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि डॉ. पालेकर के साथ अन्य कृषि वैज्ञानिक भी शामिल होंगे। यह विशेषज्ञ प्राकृतिक, परंपरागत खेती, देसी खाद व फसल चक्र बताएंगे। टिकैत ने कहा कि वर्तमान में खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
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पंचायत में मौजूद राकेश टिकैत और अन्य किसान।
- फोटो : अमर उजाला
रासायनिक खाद व दवाइयां बहुत महंगी हो गई हैं। किसान इनका प्रयोग तो कर रहे हैं, लेकिन लागत के अनुरूप आमदनी नहीं हो रही है। यह किसानों के लिए सुनहरा मौका है। किसानों से वैज्ञानिकों की जानकारी ध्यान से सुनकर खेतों में प्रयोग का आग्रह किया। कार्यक्रम का उद्देश्य रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देना है। अध्यक्षता ठाकुर जगत सिंह और संचालन परविंदर आर्य ने किया। इस अवसर पर गौरव टिकैत, जिलाध्यक्ष नवीन राठी, ओमपाल सिंह, सतेंद्र सिंह मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह, ओमपाल सिंह मौजूद रहे।
युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं : टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों से एकजुट होकर संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने विश्व में शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। ईरान-इस्राइल युद्ध पर कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़कर खेती पर ध्यान देने का आग्रह किया। खेती ही उनका भविष्य है।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों से एकजुट होकर संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने विश्व में शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। ईरान-इस्राइल युद्ध पर कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने युवाओं से नशा छोड़कर खेती पर ध्यान देने का आग्रह किया। खेती ही उनका भविष्य है।
सामाजिक एकजुटता पर दिया जोर
भाकियू की मासिक पंचायत में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा सामाजिक एकजुटता पर जोर रहा। वक्ताओं ने कहा कि आपस के लड़ाई झगड़ों से दूर रहकर सबको एक होकर समाज हित में कार्य करना चाहिए।
भाकियू की मासिक पंचायत में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा सामाजिक एकजुटता पर जोर रहा। वक्ताओं ने कहा कि आपस के लड़ाई झगड़ों से दूर रहकर सबको एक होकर समाज हित में कार्य करना चाहिए।
लागत शून्य, पानी की खपत में 90 फीसदी कमी
जीरो बजट प्राकृतिक खेती एक ऐसी कृषि पद्धति है जो किसानों की उत्पादन लागत को शून्य करती है और आय बढ़ाती है। यह रसायनों के उपयोग के बिना टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है। इस पद्धति को 1990 के दशक में पद्मश्री सुभाष पालेकर द्वारा विकसित किया गया था। इसमें बीज, खाद या कीटनाशकों के लिए बाहर से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि सभी संसाधन प्राकृतिक रूप से खेत में ही तैयार किए जाते हैं। खेती में जीवामृत, बीजामृत और आच्छादन (मिट्टी को ढकना) जैसे प्रमुख घटकों का उपयोग होता है। यह पारंपरिक खेती की तुलना में केवल 10 फीसदी पानी का उपयोग करती है और फसलों को बीमारियों से भी बचाती है।
जीरो बजट प्राकृतिक खेती एक ऐसी कृषि पद्धति है जो किसानों की उत्पादन लागत को शून्य करती है और आय बढ़ाती है। यह रसायनों के उपयोग के बिना टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है। इस पद्धति को 1990 के दशक में पद्मश्री सुभाष पालेकर द्वारा विकसित किया गया था। इसमें बीज, खाद या कीटनाशकों के लिए बाहर से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि सभी संसाधन प्राकृतिक रूप से खेत में ही तैयार किए जाते हैं। खेती में जीवामृत, बीजामृत और आच्छादन (मिट्टी को ढकना) जैसे प्रमुख घटकों का उपयोग होता है। यह पारंपरिक खेती की तुलना में केवल 10 फीसदी पानी का उपयोग करती है और फसलों को बीमारियों से भी बचाती है।