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Pilibhit News: कागजों तक सीमित निर्देश, जिला व महिला अस्पताल में कुत्तों का आतंक
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:04 AM IST
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पीलीभीत। जिला और महिला अस्पताल परिसर में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। सुबह से देर रात तक कुत्तों का झुंड अस्पताल परिसर में विचरण करता दिखता है। कुत्ते पास से गुजरने वाले मरीज और तीमारदारों पर हमलावर भी हो जाते हैं।
यह दूसरा मामला है जब कुत्ते अस्पताल परिसर में किसी नवजात का शव घसीटते मिले हैं। अस्पताल परिसर को कुत्तों से मुक्त रखने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के निर्देश कागजों पर ही दौड़ रहे हैं। जिम्मेदार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में भी सजग नहीं दिख रहे हैं।
बुधवार सुबह लावारिस कुत्ता एक नवजात का अधखाया शव घसीटता नजर आया था। शव नवजात बच्ची का था। यह देख कुत्तों के विचरण पर रोकथाम लगाने की बातें हुईं। हाय-तौबा मची तो सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। मगर, जिम्मेदार सजग नहीं हुए।
घटना के दूसरे दिन जब बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो जिला अस्पताल और महिला अस्पताल परिसर में लावारिस कुत्ते घूमते नजर आए। दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल के पीछे पुराने भवन व नए 200 बेड अस्पताल के पास आवारा कुत्ते घूम रहे थे। मरीज व तीमारदार इनसे बचकर निकल रहे थे। कुत्तों का झुंड अस्पताल के जिम्मेदारों की अनदेखी बयां कर रहा था। यह हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने का आदेश जारी कर चुका है। जनवरी की शुरुआत में ही स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी की ओर से भी अस्पताल परिसर को कुत्तों से मुक्त रखने का निर्देश जारी किया गया है।
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यह दूसरा मामला है जब कुत्ते अस्पताल परिसर में किसी नवजात का शव घसीटते मिले हैं। अस्पताल परिसर को कुत्तों से मुक्त रखने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के निर्देश कागजों पर ही दौड़ रहे हैं। जिम्मेदार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने में भी सजग नहीं दिख रहे हैं।
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बुधवार सुबह लावारिस कुत्ता एक नवजात का अधखाया शव घसीटता नजर आया था। शव नवजात बच्ची का था। यह देख कुत्तों के विचरण पर रोकथाम लगाने की बातें हुईं। हाय-तौबा मची तो सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा ने महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। मगर, जिम्मेदार सजग नहीं हुए।
घटना के दूसरे दिन जब बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो जिला अस्पताल और महिला अस्पताल परिसर में लावारिस कुत्ते घूमते नजर आए। दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल के पीछे पुराने भवन व नए 200 बेड अस्पताल के पास आवारा कुत्ते घूम रहे थे। मरीज व तीमारदार इनसे बचकर निकल रहे थे। कुत्तों का झुंड अस्पताल के जिम्मेदारों की अनदेखी बयां कर रहा था। यह हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने का आदेश जारी कर चुका है। जनवरी की शुरुआत में ही स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी की ओर से भी अस्पताल परिसर को कुत्तों से मुक्त रखने का निर्देश जारी किया गया है।
