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Pilibhit News: साक्ष्य के अभाव में गैंगस्टर एक्ट के दस आरोपी दोष मुक्त
Sat, 08 Aug 2026 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:56 PM IST
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पीलीभीत। गैंगस्टर एक्ट के 16 साल पुराने एक मामले के दस आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना ने उनके ऊपर लगाए गए आरोप से दोष मुक्त कर दिया है ।
थाना बिलसंडा पर 31 मई 2010 को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार नामजद किए गए आरोपियों का क्षेत्र में भय और आतंक है। सभी आरोपी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में जनपद खीरी लखीमपुर निवासी लाल बहादुर ,रमेश ,कुलदीप, तैयब ,जनपद शाहजहांपुर निवासी राहुल वाजपेयी, मुकेश उर्फ बड़े ,मसरूर, बलराम शुक्ला ,लाला उर्फ आरिफ ,राजेश सिंह और अयूब के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी राजेश सिंह निवासी बहादुरगंज थाना तिलहर जिला शाहजहांपुर की मौत हो गई। उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। इस मामले में न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। इनमें पुलिस निरीक्षक आर एन चौधरी, सिपाही हितेश बाबू ,सोमपाल सिंह, निरीक्षक राम अवध सिंह, हेड कांस्टेबल हीरालाल और हेड कांस्टेबल सूरजपाल सिंह शामिल है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पाया कि इस मामले में गैंगस्टर एक्ट में दिए गए प्रावधानों को अभियोजन पक्ष अपनी साक्ष्य से साबित नहीं कर सका है। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सभी दस आरोपियों को उनके ऊपर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के आरोप से दोष मुक्त कर दिया है।
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थाना बिलसंडा पर 31 मई 2010 को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार नामजद किए गए आरोपियों का क्षेत्र में भय और आतंक है। सभी आरोपी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में जनपद खीरी लखीमपुर निवासी लाल बहादुर ,रमेश ,कुलदीप, तैयब ,जनपद शाहजहांपुर निवासी राहुल वाजपेयी, मुकेश उर्फ बड़े ,मसरूर, बलराम शुक्ला ,लाला उर्फ आरिफ ,राजेश सिंह और अयूब के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी राजेश सिंह निवासी बहादुरगंज थाना तिलहर जिला शाहजहांपुर की मौत हो गई। उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। इस मामले में न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। इनमें पुलिस निरीक्षक आर एन चौधरी, सिपाही हितेश बाबू ,सोमपाल सिंह, निरीक्षक राम अवध सिंह, हेड कांस्टेबल हीरालाल और हेड कांस्टेबल सूरजपाल सिंह शामिल है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पाया कि इस मामले में गैंगस्टर एक्ट में दिए गए प्रावधानों को अभियोजन पक्ष अपनी साक्ष्य से साबित नहीं कर सका है। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सभी दस आरोपियों को उनके ऊपर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के आरोप से दोष मुक्त कर दिया है।
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