Pilibhit: प्रतिबंधित पशु मारने का आरोपी गिरफ्त से भागा, 12 घंटे बाद मुठभेड़ में दो साथियों सहित गिरफ्तार
पीलीभीत के पूरनपुर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित पशु को मारने के तीन आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। तीनों ने रविवार रात पशु को मारा था। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो दो आरोपी भाग गए थे। एक आरोपी को पकड़ लिया गया था। बाद में यह आरोपी पुलिस की गिरफ्त से भाग गया था। शाम को हुई मुठभेड़ में तीनों को पकड़ लिया गया। तीनों के पैर में गोली लगी है।
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पीलीभीत के पूरनपुर थाना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर में रविवार रात प्रतिबंधित पशु को मारकर उसका मांस काट रहे एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़कर पिटाई के बाद पुलिस के हवाले किया, लेकिन वह हेड कांस्टेबल से हाथ छुड़ाकर भाग गया। एसपी की सख्ती के बाद मामले में पुलिस ने सोमवार शाम मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी भूरा समेत तीन को दबोच लिया। तीनों के दाहिने पैर में गोली लगी है। वहीं, आरोपी के हाथ छुड़ाकर भाग जाने के मामले में एसपी ने हलका दरोगा और पीआरवी के हेड कांस्टेबल को निलंबित किया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर के समीप दक्षिण में सत्यपाल का बाग है। रविवार की रात बाग में मांस के टुकड़े करने पर खटखट की आवाज गूंजी तो ग्रामीण पेड़ काटने की आशंका में लाठी-डंडे लेकर बाग में पहुंच गए। बाग में प्रतिबंधित पशु की हत्या कर मांस के टुकड़े कर रहे चार लोगों में तीन आरोपी ग्रामीणों को देखकर भाग गए। ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की जमकर पिटाई के बाद उसके हाथ-पैरों को रस्सी से बांध दिया। सूचना पर पहुंची डायल 112 पीआरवी पर तैनात हेड कांस्टेबल बनवारी लाल गौतम ने आरोपी के बंधे हाथ-पैरों को खुलवा दिया। हेड कांस्टेबल आरोपी को पुलिस की गाड़ी में बैठाने के लिए ले जाने लगा। इस दौरान आरोपी हेड कांस्टेबल से हाथ छुड़ाकर भाग खड़ा हुआ। बाद में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
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भारतीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष ने दर्ज कराई रिपोर्ट
पुलिस ने मांस के टुकड़े बरामद कर उनका परीक्षण कराने के बाद दफन करा दिया। कोतवाली पुलिस ने भारतीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष की ओर से गांव मकरंदुपर के सलीम और तीन अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की सूचना पर सोमवार को एएसपी विक्रम दहिया घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच की थी। लापरवाही पर हलका दरोगा मनोज कुमार और पीआरवी के हेड कांस्टेबल बनवारी लाल गौतम को निलंबित कर दिया। एएसपी ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। मामले में गोरक्षा प्रमुख शिवम भदौरिया ने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर रोष व्यक्त किया।
सोमवार शाम पुलिस ने धनाराघाट मार्ग पर रुद्र पुलिया के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार तीन लोगों को रोका। पुलिस को देख आरोपी कच्चे रास्ते पर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगे। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों के दाहिने पैर में गोली लगी। आरोपियों की पहचान मकरंदपुर निवासी भूरा, रघुनाथपुर निवासी परवीन व अशोक के रूप में हुई।
पांच राउंड फायरिंग, तमंचे और उपकरण बरामद
पुलिस के अनुसार, बाइक को रोकने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पांच राउंड फायर किए। पुलिस को भी चार राउंड फायरिंग करनी पड़ी। तब जाकर आरोपी हत्थे चढ़ सके। आरोपियों के पास से तीन तमंचे, चार कारतूस, उपकरण और बाइक बरामद हुई। आरोपी भूरा पर पूर्व में गोकशी से संबंधित दो प्राथमिकी दर्ज हैं। एक में वह वांछित चल रहा था। अशोक के खिलाफ माधोटांडा थाने में मोटर चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाल पवन पांडेय, एसएसआई राजीव कुमार आदि शामिल रहे। एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शेष एक आरोपी को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
गाड़ी में ही बैठी रही महिला कांस्टेबल, चालक थामे रहा स्टीयरिंग
ग्रामीणों के सामने पूछताछ पर हेड कांस्टेबल ने एएसपी को बताया कि उनके साथ गाड़ी में दो महिला कांस्टेबल थीं। एक के साथ बच्चा था। महिला कांस्टेबल गाड़ी से उतरी ही नहीं, चालक भी स्टीयरिंग पर बैठा रहा। वह अकेले ही भीड़ के पास तक पहुंचा था।
