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Pilibhit News: मुश्किल से हो पा रहे अल्ट्रासाउंड, गर्भवती कर रहीं 20 दिन इंतजार
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एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद
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पीलीभीत। जिले में गर्भवती महिलाओं को महिला अस्पताल, सीएचसी या फिर विभाग से संबद्ध सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराना जंग जीतने से कम नहीं है। महिला अस्पताल में 20-20 दिन बाद नंबर आता है। सीएचसी पर भी महीनों चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसकी वजह कम संसाधन और रेडियोलॉजिस्ट की कमी बताई जा रहा है। वहीं विभाग से संबद्ध निजी केंद्रों पर भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे। बताया जा रहा है कि निजी केंद्रों का पुराना बकाया भुगतान अभी बाकी है।
जिले में करीब 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें पूरनपुर और बरखेड़ा में गर्भवती के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा है। इसके अलावा महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। मगर यह सुविधा भी नियमित नहीं मिल पा रही। रेडियोलाॅजिस्ट व संसाधन की कमी से महिला अस्पताल में गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए 20 दिन बाद का समय दिया जाता है। यही हाल पूरनपुर सीएचसी का है।
सीएचसी से नहीं मिला अल्ट्रासाउंड बाउचर, भेजा एमसीएच
बृहस्पतिवार को एमसीएच में सुबह से अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं की कतार लगी थी। न्यूरिया क्षेत्र से आई चमेली ने बताया कि उन्होंने न्यूरिया सीएचसी में चिकित्सक से परामर्श लिया था। अल्ट्रासाउंड के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्र का बाउचर नहीं मिला। उसे जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां उसे अल्ट्रासाउंड के लिए 20 दिन बाद का समय मिला है।
एनएचएम से बजट की तंगी, 35 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संबद्ध
मौजूदा समय में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना), पीएमएसएमए (प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान) जैसी योजनाएं संचालित हो रहीं हैं। बजट की कमी योजनाओं की राह में रोड़ा है। सीएचसी आने वाली गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 35 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर विभाग से संबद्ध हैं। मगर इन केंद्रों पर पहुंचने वाले बाउचर का भुगतान विभाग से एक माह बाद भी नहीं हो पा रहा है। इससे अब महिलाओं के अल्ट्रासाउंड में दिक्कत आ रही हैं।
गर्भवती के अल्ट्रासाउंड में पर्ची व्यवस्था लागू
पूरनपुर। सीएचसी पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख तय की गई है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो है, मगर इन तारीखों पर ही अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसके अलावा नगर के अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर भी संबद्ध किए गए हैं। गर्भवती को निर्धारित तिथियों पर ही सीएचसी से पर्ची दी जाती है। पहले सीएचसी से जारी पर्ची मिलने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक को प्रतिदिन के हिसाब से ऑनलाइन भुगतान मिल जाता था। हाल में अब पर्ची सिस्टम भुगतान लागू किया गया है। अल्ट्रासाउंड करने वाले अल्ट्रासाउंड संचालक पर्चियोंं को महीने की अंतिम तारीख को सीएचसी में जमा करेंगे। इसके बाद भुगतान सीएचसी के माध्यम से होगा। संवाद
महिला अस्पताल में लिफ्ट फिर खराब
जिला महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पताल के प्रथम या द्वितीय तल तक पहुंचने में किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए दो लिफ्ट लगी हैं। कुछ माह पूर्व ही इनका संचालन शुरू हुआ था। कुछ दिन पहले लिफ्ट खराब हो गई। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को रैंप के सहारे प्रथम या द्वितीय तल पर पहुंचना पड़ रहा है। ओपीडी और भर्ती वार्ड पहले व दूसरे तल पर ही हैं।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कुछ संसाधनों की कमी है। गंभीर स्थिति वाली महिलाओं की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा भी जांचें हो रहीं हैं। व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है।- डॉ. आलोक कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी
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जिले में करीब 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें पूरनपुर और बरखेड़ा में गर्भवती के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा है। इसके अलावा महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। मगर यह सुविधा भी नियमित नहीं मिल पा रही। रेडियोलाॅजिस्ट व संसाधन की कमी से महिला अस्पताल में गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए 20 दिन बाद का समय दिया जाता है। यही हाल पूरनपुर सीएचसी का है।
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सीएचसी से नहीं मिला अल्ट्रासाउंड बाउचर, भेजा एमसीएच
बृहस्पतिवार को एमसीएच में सुबह से अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं की कतार लगी थी। न्यूरिया क्षेत्र से आई चमेली ने बताया कि उन्होंने न्यूरिया सीएचसी में चिकित्सक से परामर्श लिया था। अल्ट्रासाउंड के लिए निजी पैथोलॉजी केंद्र का बाउचर नहीं मिला। उसे जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां उसे अल्ट्रासाउंड के लिए 20 दिन बाद का समय मिला है।
एनएचएम से बजट की तंगी, 35 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर संबद्ध
मौजूदा समय में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए जेएसवाई (जननी सुरक्षा योजना), पीएमएसएमए (प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान) जैसी योजनाएं संचालित हो रहीं हैं। बजट की कमी योजनाओं की राह में रोड़ा है। सीएचसी आने वाली गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 35 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर विभाग से संबद्ध हैं। मगर इन केंद्रों पर पहुंचने वाले बाउचर का भुगतान विभाग से एक माह बाद भी नहीं हो पा रहा है। इससे अब महिलाओं के अल्ट्रासाउंड में दिक्कत आ रही हैं।
गर्भवती के अल्ट्रासाउंड में पर्ची व्यवस्था लागू
पूरनपुर। सीएचसी पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख तय की गई है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो है, मगर इन तारीखों पर ही अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसके अलावा नगर के अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर भी संबद्ध किए गए हैं। गर्भवती को निर्धारित तिथियों पर ही सीएचसी से पर्ची दी जाती है। पहले सीएचसी से जारी पर्ची मिलने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक को प्रतिदिन के हिसाब से ऑनलाइन भुगतान मिल जाता था। हाल में अब पर्ची सिस्टम भुगतान लागू किया गया है। अल्ट्रासाउंड करने वाले अल्ट्रासाउंड संचालक पर्चियोंं को महीने की अंतिम तारीख को सीएचसी में जमा करेंगे। इसके बाद भुगतान सीएचसी के माध्यम से होगा। संवाद
महिला अस्पताल में लिफ्ट फिर खराब
जिला महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पताल के प्रथम या द्वितीय तल तक पहुंचने में किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए दो लिफ्ट लगी हैं। कुछ माह पूर्व ही इनका संचालन शुरू हुआ था। कुछ दिन पहले लिफ्ट खराब हो गई। इस वजह से गर्भवती महिलाओं को रैंप के सहारे प्रथम या द्वितीय तल पर पहुंचना पड़ रहा है। ओपीडी और भर्ती वार्ड पहले व दूसरे तल पर ही हैं।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कुछ संसाधनों की कमी है। गंभीर स्थिति वाली महिलाओं की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा भी जांचें हो रहीं हैं। व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है।- डॉ. आलोक कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी

एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद

एमसीएच विंग में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद