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Pratapgarh News: 99 फीसदी धान की खरीद, 20 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:35 PM IST
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99% paddy procurement, proposal to increase the target by 20 thousand metric tonnes
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जिले में लगभग 99 फीसदी धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका है। समय से पहले धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने वाले पीसीएफ और पीसीयू के 30 क्रय केंद्रों को बंद करना पड़ा है। वहीं, उत्पादन अधिक होने के कारण किसान धान बिक्री के लिए क्रय केंद्रों पर पहुंचे रहे हैं। ऐसे में डीएम के अनुमोदन पर 20 हजार मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य को बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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वहीं, जूट के बोरों की आपूर्ति कोलकाता से नहीं होने के कारण कानपुर से बोरे की आपूर्ति कराई जा रही है। वहीं, शासन ने 28 फरवरी तक धान खरीद की अंतिम तिथि निर्धारित की है।
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अधिक उत्पादन का असर प्रतापगढ़ में ही नहीं बल्कि प्रयागराज व मिर्जापुर में भी देखने को मिल रहा है। दोनों जनपदों के एफसीआई गोदामों में चावल का भंडारण पूरा हो जाने के चलते बचे हुए अनाज को प्रतापगढ़ के गोदाम में भेजा जा रहा है। अब तक गड़वारा, महुली, रानीगंज सहित चार एफसीआई गोदामों में तीन लाख क्विंटल धान का भंडारण किया जा चुका है।
जिले में इस बार रिकॉर्ड से अधिक 56 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है। खेत के रकबे में भी 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की वृद्धि हुई है। उत्पादन अधिक होने से समय से पहले ही 99 फीसदी धान की खरीद की गई।
पिछले साल 1.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती कर किसानों ने 5.14 लाख मीट्रिक टन उत्पादन किया था। इस बार रिकॉर्ड से अधिक 1.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर खेती कर किसानों ने 5.70 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन किया है। धान का उत्पादन अधिक होने से जिले के 80 केंद्रों पर लक्ष्य 93 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 92.07 मीट्रिक टन खरीद पूरी कर ली गई है।
कोलकाता से रुकी आपूर्ति तो कानपुर से मंगाने पड़ रहे बोरे
जिले के 28 मिलों में क्रय केंद्र से उपलब्ध कराई जा रही बोरी थी। चावल को भरने के लिए अब तक 1500 गांठ जूट के बोरियों की खपत हो चुकी है। धान अधिक आने से 1500 गांठ बोरी की अतिरिक्त आवश्यकता है। कोलकाता से पूरे प्रदेश को आपूर्ति किए जाने वाले जूट के बोरे उपलब्ध न होने पर विपणन विभाग कानपुर के पनकी से आपूर्ति पूरा कर रहा है।
तीन साल से बंद रानीगंज गोदाम को करना पड़ा चालू
तीन साल से एफसीआई गोदाम रानीगंज बंद चल रहा था। इस बार अधिक आपूर्ति होने के चलते रानीगंज गोदाम का संचालन शुरू किया गया। रानीगंज गोदाम की भंडारण क्षमता 50 हजार क्विंटल की है। जबकि गड़वारा गोदाम की भंडारण क्षमता सर्वाधिक पांच लाख क्विंटल है।
वर्जन
इस बार धान का अधिक उत्पादन होने के चलते खरीद की प्रक्रिया केंद्रों पर समय से ही पूरी कर ली गई है। खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - जितेंद्र यादव, डिप्टी आरएमओ।
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