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Pratapgarh News: अनिरूद्ध को समय पर नहीं मिला इलाज
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एक किमी की सड़क नसीब न होने के कारण बुधवार को दौसा चौरा निवासी अनिरुद्ध को समय पर इलाज नहीं मिल सका। उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक गांव में सड़क नहीं बनाई जा सकी है।
दासा चौरा निवासी अनिरुद्ध और उसका छोटा भाई शशि करंट की चपेट आने के कारण गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों की चीख पुकार सुन पहुंचे ग्रामीण आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करने लगे। महज एक किमी की सड़क पार करने की जद्दोजहद में ग्रामीण जुट गए। मजबूरी में ग्रामीणों ने चारपाई पर दोनों भाइयों को लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़े।
गांव की दयनीय स्थिति पर हर किसी को तरस आ रहा था। मौके पर मौजूद लोगों की जुबान पर एक ही बात थी कि यदि सड़क बनाई गई होती तो घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। यही वजह रही कि समय अस्पताल न पहुंच पाने के कारण अनिरुद्ध की उपचार से पहले ही सांसें थम गई। हादसे की जानकारी पर तहसीलदार अंकित सिंह गांव पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों से बातचीत
कई बार समाधान दिवस में अफसरों से सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
सुरेश सरोज
........
वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि आते हैं। चुनाव होने के बाद नेता सड़क बनवाने का दिया आश्वासन भूल जाते हैं।
राजेंद्र सरोज
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दासा चौरा निवासी अनिरुद्ध और उसका छोटा भाई शशि करंट की चपेट आने के कारण गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों की चीख पुकार सुन पहुंचे ग्रामीण आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करने लगे। महज एक किमी की सड़क पार करने की जद्दोजहद में ग्रामीण जुट गए। मजबूरी में ग्रामीणों ने चारपाई पर दोनों भाइयों को लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़े।
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गांव की दयनीय स्थिति पर हर किसी को तरस आ रहा था। मौके पर मौजूद लोगों की जुबान पर एक ही बात थी कि यदि सड़क बनाई गई होती तो घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। यही वजह रही कि समय अस्पताल न पहुंच पाने के कारण अनिरुद्ध की उपचार से पहले ही सांसें थम गई। हादसे की जानकारी पर तहसीलदार अंकित सिंह गांव पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत पर तहसीलदार ने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों से बातचीत
कई बार समाधान दिवस में अफसरों से सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
सुरेश सरोज
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वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि आते हैं। चुनाव होने के बाद नेता सड़क बनवाने का दिया आश्वासन भूल जाते हैं।
राजेंद्र सरोज