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Pratapgarh News: पीने का पानी न दवा का इंतजाम, पंखे-कूलर तक गायब
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रानीगंज कैथौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जन आरोग्य मेले में नदारद चिकित्सक। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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हर रविवार को जिले के 61 पीएचसी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगता है। अधिकांश पीएचसी (खासकर अर्बन पीएचसी) में पीने के पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। पंखे-कूलर गायब हैं। बीमारी के साथ ही मरीज गर्मी की भी मार खा रहा है।
कुछ जगहों पर दवाएं नहीं है तो कुछ में डॉक्टर और फार्मासिस्ट। वहीं, जिन पीएचसी में पंखे या कूलर लगे हैं वहां बिजली की आपूर्ति बाधक बन रही है। मरीज, तीमारदार और डॉक्टर बत्ती गुल होते पसीने की चादर ओढ़ लेते हैं।
पीएचसी मंगापुर
पीएचसी मंगापुर में दोपहर 12 बजे चिकित्सक मरीजों का इलाज करते मिले। फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले। यहां पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। चिकित्सक इलाज के साथ मरीजों को दवाएं बांट रहे थे। पूरे बदौन निवासी सत्येंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि अकेले डॉक्टर पर जांच और दवा देने की जिम्मेदारी रहती है। करीब आधे घंटे इंतजार के बाद दवा मिली।
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पीएचसी रानीगंज कैथौला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीगंज कैथौला में रविवार 12.54 बजे तक जन आरोग्य मेले में डॉक्टर ही नहीं आए थे। फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे ने बताया कि तीन घंटे में क्षय रोग के तीन मरीज आए। उन्हें दवा देकर घर भेजा। रोहाड़ा निवासी पुनीत ने बताया कि डॉक्टर के न आने के कारण बगैर इलाज कराए घर जाना पड़ रहा है। बताया कि पीएचसी में कूलर व पीने के पानी के इंतजाम नहीं हैं।
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पीएचसी बीरापुर
पीएचसी बीरापुर में दोपहर 12.40 बजे तक 21 मरीज इलाज कराने पहुंचे। आयुष विभाग के डाॅ. नरेंद्र ने मरीजों की जांच और इलाज किया। पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट मौजूद नहीं थे। डॉक्टर कक्ष में कूलर लगा था लेकिन मरीज के लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं थी। धनऊपुर निवासी सचिन ने बताया कि पीएचसी में रखे घड़े में पानी नहीं था। घड़े पर गंदगी मौजूद थी। अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती नहीं है। आयुष डॉक्टर ही आते हैं।
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पीएचसी सिपाह महेरी
पीएचसी सिपाह महेरी में दोपहर दो बजे डॉ. राकेश कुमार ने मरीजों की जांच कर दवाएं दी। उन्होंने बताया कि पीएचसी पर फार्मासिस्ट नहीं आते हैं। स्थानीय निवासी अंतिमा ने कहा कि पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। मरीजों के लिए कूलर व पंखे भी नहीं हैं।
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पीएचसी सुरवा मिश्रपुर
पीएचसी सुरवा मिश्रपुर में दोपहर 2.40 बजे 31 मरीजों ने जांच और इलाज कराया। पीएचसी में ठंडी हवा की बात दूर प्यास बुझाने के लिए पानी तक मरीजों को नहीं मिला। इससे उन्हें परेशान होना पड़ा।
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पीएचसी उतरास
पीएचसी उतरास में डॉ. राकेशधर ने बताया कि 19 मरीजों का इलाज किया। पीएचसी पर दाद, खाज की दवा व खांसी की सिरप नहीं है। अर्बन पीएचसी चिलबिला में बिजली गुल होने से मरीजों को दिक्कत हुई।
वर्जन-- -- -
जिस सेंटर पर दवा नहीं हैं, वहां के प्रभारियों से बात करके सोमवार तक दवा मुहैया कराई जाएगी। जिस सेंटर पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट नहीं मौजूद थे, उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। - डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ नोडल आरोग्य मेला।
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कुछ जगहों पर दवाएं नहीं है तो कुछ में डॉक्टर और फार्मासिस्ट। वहीं, जिन पीएचसी में पंखे या कूलर लगे हैं वहां बिजली की आपूर्ति बाधक बन रही है। मरीज, तीमारदार और डॉक्टर बत्ती गुल होते पसीने की चादर ओढ़ लेते हैं।
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पीएचसी मंगापुर
पीएचसी मंगापुर में दोपहर 12 बजे चिकित्सक मरीजों का इलाज करते मिले। फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले। यहां पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। चिकित्सक इलाज के साथ मरीजों को दवाएं बांट रहे थे। पूरे बदौन निवासी सत्येंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि अकेले डॉक्टर पर जांच और दवा देने की जिम्मेदारी रहती है। करीब आधे घंटे इंतजार के बाद दवा मिली।
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पीएचसी रानीगंज कैथौला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीगंज कैथौला में रविवार 12.54 बजे तक जन आरोग्य मेले में डॉक्टर ही नहीं आए थे। फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे ने बताया कि तीन घंटे में क्षय रोग के तीन मरीज आए। उन्हें दवा देकर घर भेजा। रोहाड़ा निवासी पुनीत ने बताया कि डॉक्टर के न आने के कारण बगैर इलाज कराए घर जाना पड़ रहा है। बताया कि पीएचसी में कूलर व पीने के पानी के इंतजाम नहीं हैं।
पीएचसी बीरापुर
पीएचसी बीरापुर में दोपहर 12.40 बजे तक 21 मरीज इलाज कराने पहुंचे। आयुष विभाग के डाॅ. नरेंद्र ने मरीजों की जांच और इलाज किया। पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट मौजूद नहीं थे। डॉक्टर कक्ष में कूलर लगा था लेकिन मरीज के लिए पंखे तक की व्यवस्था नहीं थी। धनऊपुर निवासी सचिन ने बताया कि पीएचसी में रखे घड़े में पानी नहीं था। घड़े पर गंदगी मौजूद थी। अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती नहीं है। आयुष डॉक्टर ही आते हैं।
पीएचसी सिपाह महेरी
पीएचसी सिपाह महेरी में दोपहर दो बजे डॉ. राकेश कुमार ने मरीजों की जांच कर दवाएं दी। उन्होंने बताया कि पीएचसी पर फार्मासिस्ट नहीं आते हैं। स्थानीय निवासी अंतिमा ने कहा कि पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। मरीजों के लिए कूलर व पंखे भी नहीं हैं।
पीएचसी सुरवा मिश्रपुर
पीएचसी सुरवा मिश्रपुर में दोपहर 2.40 बजे 31 मरीजों ने जांच और इलाज कराया। पीएचसी में ठंडी हवा की बात दूर प्यास बुझाने के लिए पानी तक मरीजों को नहीं मिला। इससे उन्हें परेशान होना पड़ा।
पीएचसी उतरास
पीएचसी उतरास में डॉ. राकेशधर ने बताया कि 19 मरीजों का इलाज किया। पीएचसी पर दाद, खाज की दवा व खांसी की सिरप नहीं है। अर्बन पीएचसी चिलबिला में बिजली गुल होने से मरीजों को दिक्कत हुई।
वर्जन
जिस सेंटर पर दवा नहीं हैं, वहां के प्रभारियों से बात करके सोमवार तक दवा मुहैया कराई जाएगी। जिस सेंटर पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट नहीं मौजूद थे, उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। - डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ नोडल आरोग्य मेला।

रानीगंज कैथौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जन आरोग्य मेले में नदारद चिकित्सक। संवाद- फोटो : सांकेतिक

रानीगंज कैथौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जन आरोग्य मेले में नदारद चिकित्सक। संवाद- फोटो : सांकेतिक