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Pratapgarh News: शौकीनों का पान... इसके बगैर नहीं गुजरता है दिन
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किसानों की आर्थिक समृद्धि का नया जरिया बना है पट्टी का देशी पान। पान को मशहूर करने वाली बनारस नगरी में भी जिले के देशी पान की मांग है। रोजाना सैकड़ों डोली पान बनारस भेजा जाता है। वहीं, पान के शौकीन कहते हैं कि इसके बगैर तो दिन ही नहीं गुजरता है। वहीं, धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी देशी पान काफी लाभप्रद है।
पट्टी तहसील क्षेत्र के भिवनी, सिधारी कानूपुर, बेला रामपुर, सेतापुर, लाखीपुर, मरियमपुर में पान का उत्पादन किया जा रहा है। जिले में करीब एक हजार किसान पान की खेती से जुड़े हुए हैं। पान उत्पादन की जानकारी पर हाल ही बनारस के व्यापारियों ने किसानों से संपर्क कर थोक में पान खरीदना शुरू कर दिया है।
दरअसल, जिले के देशी पान को बनारस के पान दरीबा इलाके में पकाया जाता है। इससे पान की कीमत बढ़ जाती है। उसके बाद व्यापारी दोगुने दाम पर छोटे-छोटे व्यापारियों को बेचते हैं। पान का अधिकांश भीटा पट्टी और मंगरौरा ब्लॉक क्षेत्र में है।
भिवनी के अशोक प्रजापति ने बताया कि वह पान का उत्पादन करते हैं। वाराणसी के व्यापारी पान की खरीदारी करते हैं। सिधारी कानूपुर के मोहनलाल ने बताया कि बनारस मंडी के व्यापारी पान के अच्छा दाम देते हैं। सैंकड़ों लोग पान का उत्पादन क्षेत्र में कर रहे हैं।
इनसेट-
शौकीन बोले-
0 शहर के महुली निवासी जय प्रकाश चौरसिया ने बताया कि वह करीब 40 साल से पान खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद पान खाने से मुंह की शुद्धि हो जाती है।
0 शहर के अष्टभुजानगर निवासी रमेश मोदनवाल ने बताया करीब 25 वर्षों से पान खा रहा हूं। कच्चे पान की अपेक्षा पका हुआ पान स्वाद में बेहतर लगता है। रोजाना करीब चार से पांच पान का सेवन करता हूं। इससे कम में दिन ही नहीं गुजरता है।
पान का है धार्मिक महत्व
बलीपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी आचार्य आलोक ऋृषिवंश ने बताया कि गौरी-गणेश पूजा में देशी पान चढ़ाना शुभ माना जाता है। भगवान को पान अर्पित करने से लोगों को समृद्धि मिलती है। यह पवित्रता का भी प्रतीक माना जाता है। बताया कि सोलह शृंगार में पान का भी जिक्र है। पान में कई देवी-देवताओं का भी वास होता है। पूजा में इसे अष्टमंगल का हिस्सा माना जाता है। जिससे घर में सुख-शांति आती है और विघ्न दूर होते हैं।
पान औषधि है, नशा नहीं
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि पान औषधि का काम करता है लेकिन लोग जानकारी के अभाव में इसे नशे के रूप में सेवन करते हैं। भोजन के बाद पान में लौंग, इलाचयी डालकर खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह एक तरह से एंटीबॉयोटिक का भी काम करता है।
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पट्टी तहसील क्षेत्र के भिवनी, सिधारी कानूपुर, बेला रामपुर, सेतापुर, लाखीपुर, मरियमपुर में पान का उत्पादन किया जा रहा है। जिले में करीब एक हजार किसान पान की खेती से जुड़े हुए हैं। पान उत्पादन की जानकारी पर हाल ही बनारस के व्यापारियों ने किसानों से संपर्क कर थोक में पान खरीदना शुरू कर दिया है।
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दरअसल, जिले के देशी पान को बनारस के पान दरीबा इलाके में पकाया जाता है। इससे पान की कीमत बढ़ जाती है। उसके बाद व्यापारी दोगुने दाम पर छोटे-छोटे व्यापारियों को बेचते हैं। पान का अधिकांश भीटा पट्टी और मंगरौरा ब्लॉक क्षेत्र में है।
भिवनी के अशोक प्रजापति ने बताया कि वह पान का उत्पादन करते हैं। वाराणसी के व्यापारी पान की खरीदारी करते हैं। सिधारी कानूपुर के मोहनलाल ने बताया कि बनारस मंडी के व्यापारी पान के अच्छा दाम देते हैं। सैंकड़ों लोग पान का उत्पादन क्षेत्र में कर रहे हैं।
इनसेट-
शौकीन बोले-
0 शहर के महुली निवासी जय प्रकाश चौरसिया ने बताया कि वह करीब 40 साल से पान खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद पान खाने से मुंह की शुद्धि हो जाती है।
0 शहर के अष्टभुजानगर निवासी रमेश मोदनवाल ने बताया करीब 25 वर्षों से पान खा रहा हूं। कच्चे पान की अपेक्षा पका हुआ पान स्वाद में बेहतर लगता है। रोजाना करीब चार से पांच पान का सेवन करता हूं। इससे कम में दिन ही नहीं गुजरता है।
पान का है धार्मिक महत्व
बलीपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी आचार्य आलोक ऋृषिवंश ने बताया कि गौरी-गणेश पूजा में देशी पान चढ़ाना शुभ माना जाता है। भगवान को पान अर्पित करने से लोगों को समृद्धि मिलती है। यह पवित्रता का भी प्रतीक माना जाता है। बताया कि सोलह शृंगार में पान का भी जिक्र है। पान में कई देवी-देवताओं का भी वास होता है। पूजा में इसे अष्टमंगल का हिस्सा माना जाता है। जिससे घर में सुख-शांति आती है और विघ्न दूर होते हैं।
पान औषधि है, नशा नहीं
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि पान औषधि का काम करता है लेकिन लोग जानकारी के अभाव में इसे नशे के रूप में सेवन करते हैं। भोजन के बाद पान में लौंग, इलाचयी डालकर खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह एक तरह से एंटीबॉयोटिक का भी काम करता है।
