{"_id":"69fcd22bdf1f8faa70083aec","slug":"boring-collapses-in-six-months-now-people-are-sipping-on-assurances-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1024-167213-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: छह माह में बोरिंग ध्वस्त... अब आश्वासन का घूंट पी रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: छह माह में बोरिंग ध्वस्त... अब आश्वासन का घूंट पी रहे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा बेलखरनाथ धाम के लक्ष्मणपुर गांव में 15 साल पहले 1.10 करोड़ की लागत से पानी की टंकी और पंप हाउस बना। कुछ मजरों में पाइपलाइन बिछाकर पानी भी पहुंचाया गया लेकिन छह माह बाद बोरिंग ध्वस्त हो गई। पानी की सप्लाई बंद हो गई। उसके बाद से आज तक न तो टंकी भरी न ही नलों से पानी आया। ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन का घूंट पीना पड़ रहा।
वर्ष 2010 में तत्कालीन मंत्री शिवाकांत ओझा के प्रयास से गांव में पानी की टंकी का निर्माण हुआ। शुरू के छह माह तक गांव में पानी पहुंचता रहा। मगर बोरिंग ध्वस्त होते ही आपूर्ति ठप हो गई। आज जर्जर टंकी शोपीस बनकर रह गई है।
गांव के पूर्व प्रधान संजीव सिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और जल निगम से सिर्फ आश्वासन मिला। गांव के ही अजीत सिंह, मेजर सिंह, राजकुमार गुप्ता, प्रेम सिंह, जसवंत प्रजापति ने डीएम से दूसरी जगह बोरिंग कराने की मांग की है। सहायक अभियंता सुग्रीव सिंह ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है, मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2010 में तत्कालीन मंत्री शिवाकांत ओझा के प्रयास से गांव में पानी की टंकी का निर्माण हुआ। शुरू के छह माह तक गांव में पानी पहुंचता रहा। मगर बोरिंग ध्वस्त होते ही आपूर्ति ठप हो गई। आज जर्जर टंकी शोपीस बनकर रह गई है।
विज्ञापन
गांव के पूर्व प्रधान संजीव सिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और जल निगम से सिर्फ आश्वासन मिला। गांव के ही अजीत सिंह, मेजर सिंह, राजकुमार गुप्ता, प्रेम सिंह, जसवंत प्रजापति ने डीएम से दूसरी जगह बोरिंग कराने की मांग की है। सहायक अभियंता सुग्रीव सिंह ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है, मिलते ही मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन