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Pratapgarh News: शहर के व्यावसायिक भवनों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं
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शहर से गांव तक व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया गया है लेकिन ज्यादातर भवनों में आग से सुरक्षा के उपकरण मानक के अनुरूप नहीं हैं।
अग्निशमन विभाग के पास शहर में संचालित व्यावसायिक भवनों का आंकड़ा तक नहीं है। वहीं, ई-लाइब्रेरी के पंजीकरण एवं आंकड़ों की जानकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। साथ ही शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों पर भी सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था नहीं है। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चलाए जा रहे हैं।
शहर के पुलिस लाइन, भंगवाचुंगी, बाबागंज, सदर, मीराभवन समेत अन्य जगहों पर कोचिंग सेंटर और ई-लाइब्रेरी की भरमार है। इन प्रमुख जगहों पर व्यावसायिक भवनों में माल, दुकानें, होटल व रेस्टोरेंट संचालित हैं। अधिकांश भवनों में एक ही मुख्यद्वार है लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो सकी है।
लखनऊ के अलीगंज में हुए आग हादसे के बाद बीते दिनों में अग्निशमन विभाग और एडीआईओएस की संयुक्त टीम ने शहर में चेकिंग अभियान चलाया। महज छह कोचिंग संचालकों को नोटिस दिया गया। साथ ही ई-लाइब्रेरी के संचालन को लेकर नियम नहीं होने का हवाला देकर जिम्मेदारों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अग्निशमन विभाग ने व्यावसायिक भवनों का आंकड़ा मांगा है।
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स्टाफ की कमी
अग्निशमन विभाग में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अलावा महज दो एसआई तैनात हैं। जबकि आठ एसआई के पद हैं। आरक्षियों की संख्या भी काफी कम है। जिस कारण विभागीय अधिकारी चेकिंग अभियान भी नहीं चला पा रहे हैं।
इनसेट:-
नियम से भी परेशानी
अग्निशमन विभाग के अफसरों के अनुसार राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के अनुसार आवासीय भवन जिसकी ऊंचाई 15 मीटर एवं क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर है, उसे एनओसी लेना अनिवार्य है। साथ ही शैक्षिक भवन की ऊंचाई नौ मीटर और क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर होने पर एनओसी अनिवार्य है।
शहर में कोचिंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी, व्यावसायिक भवन, होटल, रेस्टोरेंट में चेकिंग अभियान चलाया गया है। कोचिंग संचालकों एवं भवन मालिकों को अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर व्यावसायिक भवनों की जानकारी मांगी गई है।
राजू, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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अग्निशमन विभाग के पास शहर में संचालित व्यावसायिक भवनों का आंकड़ा तक नहीं है। वहीं, ई-लाइब्रेरी के पंजीकरण एवं आंकड़ों की जानकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। साथ ही शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों पर भी सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था नहीं है। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चलाए जा रहे हैं।
शहर के पुलिस लाइन, भंगवाचुंगी, बाबागंज, सदर, मीराभवन समेत अन्य जगहों पर कोचिंग सेंटर और ई-लाइब्रेरी की भरमार है। इन प्रमुख जगहों पर व्यावसायिक भवनों में माल, दुकानें, होटल व रेस्टोरेंट संचालित हैं। अधिकांश भवनों में एक ही मुख्यद्वार है लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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लखनऊ के अलीगंज में हुए आग हादसे के बाद बीते दिनों में अग्निशमन विभाग और एडीआईओएस की संयुक्त टीम ने शहर में चेकिंग अभियान चलाया। महज छह कोचिंग संचालकों को नोटिस दिया गया। साथ ही ई-लाइब्रेरी के संचालन को लेकर नियम नहीं होने का हवाला देकर जिम्मेदारों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अग्निशमन विभाग ने व्यावसायिक भवनों का आंकड़ा मांगा है।
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स्टाफ की कमी
अग्निशमन विभाग में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अलावा महज दो एसआई तैनात हैं। जबकि आठ एसआई के पद हैं। आरक्षियों की संख्या भी काफी कम है। जिस कारण विभागीय अधिकारी चेकिंग अभियान भी नहीं चला पा रहे हैं।
इनसेट:-
नियम से भी परेशानी
अग्निशमन विभाग के अफसरों के अनुसार राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के अनुसार आवासीय भवन जिसकी ऊंचाई 15 मीटर एवं क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर है, उसे एनओसी लेना अनिवार्य है। साथ ही शैक्षिक भवन की ऊंचाई नौ मीटर और क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर होने पर एनओसी अनिवार्य है।
शहर में कोचिंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी, व्यावसायिक भवन, होटल, रेस्टोरेंट में चेकिंग अभियान चलाया गया है। कोचिंग संचालकों एवं भवन मालिकों को अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर व्यावसायिक भवनों की जानकारी मांगी गई है।
राजू, मुख्य अग्निशमन अधिकारी