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Pratapgarh News: बेबसी...चीखें सुनीं, महसूस की उखड़ती सांसें पर कुछ कर न सका
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शहर के महुली में बारिश के दौरान गिरी मकान की छत। संवाद
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दो मासूम बच्चों की किलकारियों से घर-आंगन की रौनक बढ़ गई थी। कभी वे दादा-दादी की गोद में फुदकते तो कभी चाचा उन्हें घुमाते। बुधवार की रात सभी सोए तो सोते ही रह गए। महुली में बुधवार रात हुए हादसे ने अमन की जिंदगी में एक नासूर पैदा कर दिया।
रेस्क्यू के बाद जब उसे मलबे से निकाला गया तो वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। अस्पताल में वह सिर्फ अपनों के बारे में पूछ रहा था। अमन ने बताया कि मलबे में दबे दोनों बेटों आद्विविक व माधव की चीखें सुनीं। पत्नी माधुरी, माता-पिता और भाई की उखड़ती सांसों को महसूस किया, लेकिन वह कुछ भी नहीं कर सका। घर तबाह होने मंजर बयां किया तो सभी की आंखें नम हो गई।
बताया कि रात तेज बारिश हो रही थी। उमस और गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे, जबकि वह कमरे में ही रसोई की ओर लेटा था। अचानक तेज बिजली कड़की और अगले ही पल पूरा मकान भरभराकर गिरा तो सब कुछ खत्म हो गया।मलबे में पूरा परिवार दबा पड़ा था। उसने अपने ऊपर से मलबे को हटाकर बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा। वह हिल भी नहीं पा रहा था।
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रेस्क्यू के बाद जब उसे मलबे से निकाला गया तो वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। अस्पताल में वह सिर्फ अपनों के बारे में पूछ रहा था। अमन ने बताया कि मलबे में दबे दोनों बेटों आद्विविक व माधव की चीखें सुनीं। पत्नी माधुरी, माता-पिता और भाई की उखड़ती सांसों को महसूस किया, लेकिन वह कुछ भी नहीं कर सका। घर तबाह होने मंजर बयां किया तो सभी की आंखें नम हो गई।
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बताया कि रात तेज बारिश हो रही थी। उमस और गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे, जबकि वह कमरे में ही रसोई की ओर लेटा था। अचानक तेज बिजली कड़की और अगले ही पल पूरा मकान भरभराकर गिरा तो सब कुछ खत्म हो गया।मलबे में पूरा परिवार दबा पड़ा था। उसने अपने ऊपर से मलबे को हटाकर बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहा। वह हिल भी नहीं पा रहा था।
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