सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Hopes shattered... not a single drop of water could be released from the tanks

Pratapgarh News: टूटती आस... टंकियों से न उतर सका एक बूंद पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
Hopes shattered... not a single drop of water could be released from the tanks
विज्ञापन
जिले में वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकियों को बनाने की शुरुआत हुई। गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई ताकि उन जगहों तक आसानी से पानी पहुंच सके, जहां पेयजल संकट है। वर्ष 2024 तक इन टंकियों से गांवों में पानी की सप्लाई होनी थी। लेकिन, अब तक टंकियों से दो बूंद पानी नहीं उतर सका। ग्रामीणों की भी उम्मीद टूटती नजर आ रही है।
Trending Videos

आपूर्ति न होने से करीब एक लाख से अधिक की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। वहीं, शोपीस बनी पेयजल टंकियां विभाग की शोभा बढ़ा रहीं हैं।
जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर नल योजना से ग्रामीणों को पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2019 में शुरुआत हुई। वर्ष 2024 तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था। खराब प्रगति के चलते शासन ने 2028 तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। वहीं, कई जगहों पर टंकियां बनाने के बाद विभाग पाइपलाइन ही बिछाना भूल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमरौना में नहीं बिछाई गई पाइपलाइन

लक्ष्मणपुर ब्लॉक के अमरौना में करीब छह करोड़ की लागत से पेयजल टंकी का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अमरौना, पीपरताली, दुर्गागंज, महाराजगंज, धानेपुर सहित 12 गांव की तकरीबन 13,500 आबादी को पेयजल आपूर्ति का दावा किया गया, लेकिन टंकी निर्माण होने के बाद विभाग पाइपलाइन बिछाना ही भूल गया।

शोपीस बनी टंकी, निर्माण कार्य भी रुका
बाबा बेलखरनाथ ब्लॉक के रूदापुर और शिवसत के समीप सिर्फ पानी की टंकी बनाई गई। ठेकेदार बजट न होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं, ब्लॉक क्षेत्र के सांगापट्टी में भी पेयजल टंकी शोपीस बनी हुई है। संडवाचंद्रिका ब्लॉक के लोहंगपुर की निर्माणाधीन पेयजल टंकी का भी तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। इन इलाकों की करीब 80 हजार की आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
खारा पानी सबसे बड़ी परेशानी
जिले में खारा पानी सबसे बड़ी समस्या बनी है। प्रयागराज और लखनऊ से आने वाले अफसरों को विभाग के जिम्मेदार गुमराह कर फर्जी रिपोर्ट दे रहे हैं। मॉनिटरिंग के लिए आने वाले अफसरों को उस क्षेत्र में ले जाया जाता है, जहां पानी खारा नहीं है। मुख्यालय के अफसर भी निरीक्षण में व्यवस्था बेहतर मिलने पर जिम्मेदारों की पीठ थपथपाते हैं। जबकि ग्रामीण कई बार खारे पानी को लेकर शिकायत कर चुके हैं।



बोले अफसर
बजट उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। कुछ क्षेत्र में जमीन को लेकर विवाद है। इसके चलते पाइपलाइन बिछाने में समस्या आ रही है। कुछ जगहों पर तहसील प्रशासन की मदद से पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। - तौसीफ अहमद, एक्सईएन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed