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Pratapgarh News: आभा में बाधा... 11 लाख लोग कार्ड से अनजान
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सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य योजना आभा कार्ड बनाने की गति बेहद धीमी है। सितंबर 2021 में 34 लाख लोगों का आभा कार्ड बनाने का लक्ष्य शासन से मिला था लेकिन चार साल बाद भी करीब 11 लाख लोग कार्ड नहीं बनवा पाए हैं। वह योजना से अनजान हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब तक 22.85 लाख कार्ड ही बना पाया है जबकि लक्ष्य 34.15 लाख का था। आभा यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाता है।
इससे बार-बार पर्चे और जांच रिपोर्ट ले जाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बावजूद कई लोग योजना से अनजान हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना लक्ष्य के आधे कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं।
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वहीं, योजना के प्रचार-प्रसार के लिए न तो शिविर लगाए गए न ही आशा व एएनएम कार्यकर्ता लोगों के घरों तक पहुंचीं। शहर के कई निजी अस्पताल भी आभा पहचान पत्र की मांग नहीं करते हैं। इस वजह से भी लोग कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
लालगंज सबसे आगे तो नगरीय क्षेत्र फिसड्डी
आभा कार्ड बनाने में लालगंज क्षेत्र सबसे आगे है। कुंडा दूसरे स्थान पर है, जबकि प्रतापगढ़ नगरीय क्षेत्र सबसे पीछे है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधक देखते हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी जल्द ही अभियान तेज करने का दावा कर रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग अब तक 22.85 लाख कार्ड ही बना पाया है जबकि लक्ष्य 34.15 लाख का था। आभा यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाता है।
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इससे बार-बार पर्चे और जांच रिपोर्ट ले जाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बावजूद कई लोग योजना से अनजान हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना लक्ष्य के आधे कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं।
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वहीं, योजना के प्रचार-प्रसार के लिए न तो शिविर लगाए गए न ही आशा व एएनएम कार्यकर्ता लोगों के घरों तक पहुंचीं। शहर के कई निजी अस्पताल भी आभा पहचान पत्र की मांग नहीं करते हैं। इस वजह से भी लोग कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
लालगंज सबसे आगे तो नगरीय क्षेत्र फिसड्डी
आभा कार्ड बनाने में लालगंज क्षेत्र सबसे आगे है। कुंडा दूसरे स्थान पर है, जबकि प्रतापगढ़ नगरीय क्षेत्र सबसे पीछे है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधक देखते हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी जल्द ही अभियान तेज करने का दावा कर रहे हैं।