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Pratapgarh News: जिले में सिर्फ 40 फीसदी हुई धान की रोपाई
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जुलाई में ही बारिश ने दगा दे दिया है। कमजोर हुए मानसून के कारण इस महीने में 303 मिमी औसत वर्षा के सापेक्ष अभी तक महज 110 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिलेभर में इस बार धान की रोपाई का लक्ष्य 1.09 लाख हेक्टेयर तय किया गया है। अभी तक करीब 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हो सकी है।
बारिश का अभाव और नहरों में पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण किसानों को मोटर पंप से खेत में पानी भरकर धान की रोपाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। वहीं, अधिकांश गांवों में किसान धान की रोपाई से दूरी बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तभी धान की रोपाई करेंगे। नहीं तो सूखे जैसे हालात के बीच फसल चौपट होने का खतरा रहेगा। हालांकि जिला कृषि विभाग ने अगले दो से तीन दिन के भीतर बारिश होने की संभावना जताई है।
पहले ही लक्ष्य हुआ कम, अब किसान कर रहे किनारा
बीते साल की तुलना में इस बार धान की रोपाई का लक्ष्य करीब 42 हजार हेक्टेयर कम कर दिया गया। मानसून की स्थिति ऐसी ही रही तो तय लक्ष्य को भी पूरा करना कठिन होगा। मौसम की बेरुखी के कारण किसानों का धान रोपाई से मोहभंग हो रहा है। पट्टी के सर्वजीतपुर निवासी विपिन तिवारी ने बताया कि बीते साल 10 बीघे धान की रोपाई की गई थी। इस बार तीन बीघा ही धान की रोपाई की गई है। संडवा चंद्रिका के मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरी तैयार है लेकिन जब तक बारिश नहीं होगी रोपाई नहीं करूंगा। निजी पंप से धान की सिंचाई काफी महंगी है।
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जिले में तय लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 40 फीसदी धान की रोपाई हो सकी है। कम बारिश होने की आशंका के कारण धान की फसल का रकबा 42 हजार हेक्टेयर घटा है। उम्मीद है कि 25 जुलाई तक अधिक से अधिक धान की रोपाई जिले में हो जाए।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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बारिश का अभाव और नहरों में पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण किसानों को मोटर पंप से खेत में पानी भरकर धान की रोपाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। वहीं, अधिकांश गांवों में किसान धान की रोपाई से दूरी बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तभी धान की रोपाई करेंगे। नहीं तो सूखे जैसे हालात के बीच फसल चौपट होने का खतरा रहेगा। हालांकि जिला कृषि विभाग ने अगले दो से तीन दिन के भीतर बारिश होने की संभावना जताई है।
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पहले ही लक्ष्य हुआ कम, अब किसान कर रहे किनारा
बीते साल की तुलना में इस बार धान की रोपाई का लक्ष्य करीब 42 हजार हेक्टेयर कम कर दिया गया। मानसून की स्थिति ऐसी ही रही तो तय लक्ष्य को भी पूरा करना कठिन होगा। मौसम की बेरुखी के कारण किसानों का धान रोपाई से मोहभंग हो रहा है। पट्टी के सर्वजीतपुर निवासी विपिन तिवारी ने बताया कि बीते साल 10 बीघे धान की रोपाई की गई थी। इस बार तीन बीघा ही धान की रोपाई की गई है। संडवा चंद्रिका के मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरी तैयार है लेकिन जब तक बारिश नहीं होगी रोपाई नहीं करूंगा। निजी पंप से धान की सिंचाई काफी महंगी है।
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जिले में तय लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 40 फीसदी धान की रोपाई हो सकी है। कम बारिश होने की आशंका के कारण धान की फसल का रकबा 42 हजार हेक्टेयर घटा है। उम्मीद है कि 25 जुलाई तक अधिक से अधिक धान की रोपाई जिले में हो जाए।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी