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Pratapgarh News: पिंक शौचालय... एक ध्वस्त, दूसरे के सामने ठेले वालों का कब्जा
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पानी की टंकी के बगल स्थित पिंक शौचालय में नहीं है हैंडवाश। संवाद
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नगर पालिका ने शहर में महिलाओं की सहूलियत के लिए दो पिंक शौचालय बनवाए थे। इनमें से जीजीआईसी के पास बने पिंक शौचालय को नाला निर्माण के दौरान बीते महीने एनएचएआई ने तोड़ दिया। मकंद्रूगंज पानी टंकी के पास बने दूसरे शौचालय के सामने ठेले वालों का कब्जा है। ऐसे में खरीदारी को आने वाली महिलाओं को दिक्कतें होती हैं।
शहर के प्रमुख बाजार चौक, बाबागंज, पंजाबी मार्केट, श्रीराम तिराहा व सदर बाजार में खरीदारी के लिए हर दिन दो से ढाई हजार महिलाएं आती हैं। उनके लिए सात साल पहले 20 लाख रुपये से दो पिंक शौचालयों बनाए गए थे। लेकिन, बदहाल पिंक शौचालय ने समस्या बढ़ा दी।
सदर निवासी लक्ष्मी देवी ने बताया कि शहर में एक ही पिंक शौचालय है। वह भी पंजाबी मार्केट के भीतर है। वहां तक जाने में परेशानी होती है। हाथ धुलने के लिए साबुन तक नहीं है।
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मीराभवन निवासी सुधा तिवारी ने बताया कि बाजार में आने वाली अधिकांश महिलाओं को पिंक शौचालय नहीं होने से परेशानी होती है। शहर में अन्य जगहों पर भी पिंक शौचालय बनाया जाना चाहिए।
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पिंक शौचालय की जिम्मेदारी पुरुष कर्मचारी के भरोसे
मकंद्रूगंज स्थित पिंक शौचालय की जिम्मेदारी पुरुष कर्मचारी को दी गई है। इस वजह से महिलाएं शौचालय के इस्तेमाल से हिचकिचाती हैं। स्थानीय महिलाओं के मुताबिक शौचालय के भीतर हाथ धुलने के साबुन व हैंडवॉश की व्यवस्था नहीं है। सेनेटरी नैपकिन भी नहीं रखा गया।
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पुरुषों के छह सार्वजनिक शौचालय, महिलाएं के लिए एक
शहर के रोडवेज बस डिपो परिसर, सिविल लाइंस चौकी, गाजी चौराहा, सदर तहसील, चिलबिला और महुली में पुरुषों के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। वहीं, महिलाओं के लिए दो बने थे। इसमें से भी एक तोड़ दिया गया।
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वर्जन
आए दिन बाजार जाना होता है। शहर के प्रमुख बाजारों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। पिंक शौचालय भी नहीं है, इससे दिक्कत होती है। शहर के प्रमुख स्थलों पर पिंक शौचालयों का निर्माण होना चाहिए। - लक्ष्मी देवी, सदर
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शहर में पिंक शौचालय पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सैकड़ों महिलाएं को हर दिन मुश्किल झेलती हैं। इकलौते पिंक शौचालय में भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। प्रमुख बाजारों में कम से कम एक पिंक शौचालय होना चाहिए। - सुधा तिवारी, मीराभवन
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निर्मल तिराहे के पास मेरी ब्यूटी पार्लर की दुकान है। जीजीआईसी के पास बने पिंक शौचालय से महिलाओं को काफी सहूलियत होती थी लेकिन महीनेभर पहले उसे तोड़ दिया गया। अब दिक्कत हो रही है। जिम्मेदार अफसरों को इस पर ध्यान देना चाहिए। - शबनम, ब्यूटी पार्लर संचालक, निर्मल तिराहा
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वर्जन:-
मकंद्रूगंज पिंक शौचालय में जल्द ही सभी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। जीजीआईसी के आसपास भूमि चिह्नित होने के बाद दूसरे पिंक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। - राकेश कुमार, ईओ नगर पालिका
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शहर के प्रमुख बाजार चौक, बाबागंज, पंजाबी मार्केट, श्रीराम तिराहा व सदर बाजार में खरीदारी के लिए हर दिन दो से ढाई हजार महिलाएं आती हैं। उनके लिए सात साल पहले 20 लाख रुपये से दो पिंक शौचालयों बनाए गए थे। लेकिन, बदहाल पिंक शौचालय ने समस्या बढ़ा दी।
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सदर निवासी लक्ष्मी देवी ने बताया कि शहर में एक ही पिंक शौचालय है। वह भी पंजाबी मार्केट के भीतर है। वहां तक जाने में परेशानी होती है। हाथ धुलने के लिए साबुन तक नहीं है।
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मीराभवन निवासी सुधा तिवारी ने बताया कि बाजार में आने वाली अधिकांश महिलाओं को पिंक शौचालय नहीं होने से परेशानी होती है। शहर में अन्य जगहों पर भी पिंक शौचालय बनाया जाना चाहिए।
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पिंक शौचालय की जिम्मेदारी पुरुष कर्मचारी के भरोसे
मकंद्रूगंज स्थित पिंक शौचालय की जिम्मेदारी पुरुष कर्मचारी को दी गई है। इस वजह से महिलाएं शौचालय के इस्तेमाल से हिचकिचाती हैं। स्थानीय महिलाओं के मुताबिक शौचालय के भीतर हाथ धुलने के साबुन व हैंडवॉश की व्यवस्था नहीं है। सेनेटरी नैपकिन भी नहीं रखा गया।
पुरुषों के छह सार्वजनिक शौचालय, महिलाएं के लिए एक
शहर के रोडवेज बस डिपो परिसर, सिविल लाइंस चौकी, गाजी चौराहा, सदर तहसील, चिलबिला और महुली में पुरुषों के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। वहीं, महिलाओं के लिए दो बने थे। इसमें से भी एक तोड़ दिया गया।
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वर्जन
आए दिन बाजार जाना होता है। शहर के प्रमुख बाजारों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। पिंक शौचालय भी नहीं है, इससे दिक्कत होती है। शहर के प्रमुख स्थलों पर पिंक शौचालयों का निर्माण होना चाहिए। - लक्ष्मी देवी, सदर
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शहर में पिंक शौचालय पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सैकड़ों महिलाएं को हर दिन मुश्किल झेलती हैं। इकलौते पिंक शौचालय में भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। प्रमुख बाजारों में कम से कम एक पिंक शौचालय होना चाहिए। - सुधा तिवारी, मीराभवन
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निर्मल तिराहे के पास मेरी ब्यूटी पार्लर की दुकान है। जीजीआईसी के पास बने पिंक शौचालय से महिलाओं को काफी सहूलियत होती थी लेकिन महीनेभर पहले उसे तोड़ दिया गया। अब दिक्कत हो रही है। जिम्मेदार अफसरों को इस पर ध्यान देना चाहिए। - शबनम, ब्यूटी पार्लर संचालक, निर्मल तिराहा
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वर्जन:-
मकंद्रूगंज पिंक शौचालय में जल्द ही सभी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। जीजीआईसी के आसपास भूमि चिह्नित होने के बाद दूसरे पिंक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। - राकेश कुमार, ईओ नगर पालिका

पानी की टंकी के बगल स्थित पिंक शौचालय में नहीं है हैंडवाश। संवाद