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Pratapgarh News: दुबई में रंग जमाएगा प्रतापगढ़ का आंवला
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आंवला नगरी का आंवला अब नेपाल, बांग्लादेश के बाद दुबई में रंग जमाएगा। एक निर्यातक कंपनी ने बेल्हा से आंवला दुबई भेजने के लिए कार्य योजना तैयार की है। आंवला की खरीदारी करके वाराणसी तक सड़क मार्ग और फिर हवाई मार्ग से शेखों की नगरी में भेजने की तैयारी है। इसके लिए कंपनी ने किसानों से करार किया है।
जिले के आंवले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ी है। माजी इंडिया एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ कालिदास त्रिपाठी और कृषि विदेश व्यापार भारत सरकार के परियोजना अधिकारी शुभम राय ने किसानों से आंवला खरीदने के लिए करार किया है। शुभम राय ने बताया कि कंपनी आंवले को पहले वाराणसी भेजेगी। वहां से हवाई मार्ग से इसे दुबई भेजा जाएगा।
कालिदास त्रिपाठी ने बताया कि हमारा उद्देश्य आंवला किसानों की आय बढ़ाना और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। प्रतिदिन करीब सात टन आंवला निर्यात करने की मंजूरी मिली है।
महुली मंडी परिषद के सचिव अमित गुप्ता ने बताया कि आंवला निर्यात को लेकर तीन दिन पहले निर्यातक कंपनी के सीईओ संग पहुंचे कृषि विदेश व्यापार के अधिकारियों की किसानों से बातचीत हुई। आंवला निर्यात को लेकर किसानों ने मंजूरी दी है। शहर के चिलबिला, गोड़े में बड़े पैमाने पर आंवले का उत्पादन होता है। इसके अलावा पट्टी और रानीगंज क्षेत्र में भी आंवला उत्पादन होता है।
किसान बोले
0 निर्यातक कंपनी से किसानों का करार होना लाभकारी है। इससे हम किसानों की आमदनी बढ़ेगी। - नारायण पांडेय
0 महुली मंडी में व्यापारी औने-पौने दाम पर आंवला खरीदते हैं। कंपनी अच्छा पैसा दे रही है। इससे आमदनी भी बढ़ेगी। -कुलदीप श्रीवास्तव
80 हजार किसानों की आजीविका का आधार है आंवला
जिले के करीब 80 हजार किसान परिवारों की आजीविका का आधार आंवला है। लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आंवले की बागवानी की गई है। राष्ट्रीय उत्पादन में प्रतापगढ़ का योगदान 40 फीसदी है। 10 से 15 रुपये किलो की दर से किसान आंवला फल को व्यापारियों को बिक्री करते हैं। इस वर्ष 64,896 मीट्रिक टन आंवले का उत्पादन हुआ है।
आंवला उत्पादन का आंकड़ा
2018- 49140
2019- 50193
2020-50263
2021-50333
2022-50502
2023-60849
2024-69890
2025- 64896
नोट- उत्पादन मीट्रिक टन में
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कालिदास त्रिपाठी ने बताया कि हमारा उद्देश्य आंवला किसानों की आय बढ़ाना और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। प्रतिदिन करीब सात टन आंवला निर्यात करने की मंजूरी मिली है।
महुली मंडी परिषद के सचिव अमित गुप्ता ने बताया कि आंवला निर्यात को लेकर तीन दिन पहले निर्यातक कंपनी के सीईओ संग पहुंचे कृषि विदेश व्यापार के अधिकारियों की किसानों से बातचीत हुई। आंवला निर्यात को लेकर किसानों ने मंजूरी दी है। शहर के चिलबिला, गोड़े में बड़े पैमाने पर आंवले का उत्पादन होता है। इसके अलावा पट्टी और रानीगंज क्षेत्र में भी आंवला उत्पादन होता है।
किसान बोले
0 निर्यातक कंपनी से किसानों का करार होना लाभकारी है। इससे हम किसानों की आमदनी बढ़ेगी। - नारायण पांडेय
0 महुली मंडी में व्यापारी औने-पौने दाम पर आंवला खरीदते हैं। कंपनी अच्छा पैसा दे रही है। इससे आमदनी भी बढ़ेगी। -कुलदीप श्रीवास्तव
80 हजार किसानों की आजीविका का आधार है आंवला
जिले के करीब 80 हजार किसान परिवारों की आजीविका का आधार आंवला है। लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आंवले की बागवानी की गई है। राष्ट्रीय उत्पादन में प्रतापगढ़ का योगदान 40 फीसदी है। 10 से 15 रुपये किलो की दर से किसान आंवला फल को व्यापारियों को बिक्री करते हैं। इस वर्ष 64,896 मीट्रिक टन आंवले का उत्पादन हुआ है।
आंवला उत्पादन का आंकड़ा
2018- 49140
2019- 50193
2020-50263
2021-50333
2022-50502
2023-60849
2024-69890
2025- 64896
नोट- उत्पादन मीट्रिक टन में
