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Pratapgarh News: गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलेगा मातृ आहार
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषक आहार का नाम उनकी उम्र के अनुसार होगा। छह माह से एक वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा।
इस आहार को शिशु अमृत नाम दिया गया है। एक से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को दिए जाने वाले हलवा को शिशु आहार कहा गया गया है। तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे को आटा-बेसन की बनी बर्फी, दलिया और मूंग दाल की खिचड़ी दी जाएगी। इस आहार को बाल पुष्टिकर नाम दिया गया है।
गर्भवती और धात्री को आटा-बेसन और सोया बर्फी, दलिया-मूंग दिया जाएगा। इस पोषाहार को मातृ आहार नाम दिया गया है। एक से तीन वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को मीठा हलवा दिया जाएगा। इस आहार को बाल संजीवनी नाम दिया गया है।
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डीपीओ ज्योति शाक्या ने बताया कि पोषाहार के आधार पर नाम तय किया गया है। शासन की नई गाइडलाइन के आधार पर पोषाहार का वितरण किया जा रहा है।
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इस आहार को शिशु अमृत नाम दिया गया है। एक से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को दिए जाने वाले हलवा को शिशु आहार कहा गया गया है। तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे को आटा-बेसन की बनी बर्फी, दलिया और मूंग दाल की खिचड़ी दी जाएगी। इस आहार को बाल पुष्टिकर नाम दिया गया है।
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गर्भवती और धात्री को आटा-बेसन और सोया बर्फी, दलिया-मूंग दिया जाएगा। इस पोषाहार को मातृ आहार नाम दिया गया है। एक से तीन वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को मीठा हलवा दिया जाएगा। इस आहार को बाल संजीवनी नाम दिया गया है।
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डीपीओ ज्योति शाक्या ने बताया कि पोषाहार के आधार पर नाम तय किया गया है। शासन की नई गाइडलाइन के आधार पर पोषाहार का वितरण किया जा रहा है।