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कचहरी में समस्याएं दूर करना ही प्राथमिकता : करुणाशंकर
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कचहरी में जलभराव की समस्या है। शौचालय नहीं होने से वादकारी व अधिवक्ता हर दिन परेशान होते हैं। पेयजल समस्या का निस्तारण भी जल्द किया जाएगा। यह बातें बुधवार को कचहरी परिसर स्थित कार्यालय में जूनियर बार एसोसिएशन अध्यक्ष करुणाशंकर मिश्र ने कहीं।
उन्होंने कहा कि कचहरी में हर दिन पांच हजार से अधिक अधिवक्ता व वादकारी पहुंचते हैं। यहां पर पार्किंग की समस्या है। पार्किंग को जल्द दुरुस्त कराया जाए। साथ ही कचहरी परिसर में सघन तलाशी के बाद ही लोगों के प्रवेश को लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने ने कहा कि मेरी प्राथमिकता होगी कि अधिवक्ताओं को मेडीक्लेम के लिए 20 की जगह 30 हजार रुपये की राशि दिलाई जाएगी। मृत्यु होने पर अधिवक्ताओं के परिजनों को मिलने वाली तात्कालिक सहायता राशि को बढ़ाकर 20 से 30 हजार रुपये किया जाएगा। उन्होंने बार की तरफ से परिजनों को मिलने वाली 2.25 लाख रुपये सहायता राशि को तीन लाख रुपये किए जाने की बात कही।
महामंत्री कौशलेश त्रिपाठी ने कहा कि जूनियर अधिवक्ताओं के लिए जल्द ही लाइब्रेरी संचालन का प्रयास किया जाएगा। अधिवक्ताओं के मामले की जांच को 36 घंटे में पूरी कराने के लिए पुलिस अफसरों से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की हर समस्या जल्द से जल्द निस्तारित कराया जाएगा। जूबाए अध्यक्ष व महामंत्री ने कलक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई, कैंटीन खुलवाने, नए अधिवक्ताओं को मानदेय दिए जाने के संबंध में जल्द प्रस्ताव तैयार कराने की बात कही। साथ ही बार-बेंच के बीच बेहतर समन्वय को स्थापित करने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि कचहरी में हर दिन पांच हजार से अधिक अधिवक्ता व वादकारी पहुंचते हैं। यहां पर पार्किंग की समस्या है। पार्किंग को जल्द दुरुस्त कराया जाए। साथ ही कचहरी परिसर में सघन तलाशी के बाद ही लोगों के प्रवेश को लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
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उन्होंने ने कहा कि मेरी प्राथमिकता होगी कि अधिवक्ताओं को मेडीक्लेम के लिए 20 की जगह 30 हजार रुपये की राशि दिलाई जाएगी। मृत्यु होने पर अधिवक्ताओं के परिजनों को मिलने वाली तात्कालिक सहायता राशि को बढ़ाकर 20 से 30 हजार रुपये किया जाएगा। उन्होंने बार की तरफ से परिजनों को मिलने वाली 2.25 लाख रुपये सहायता राशि को तीन लाख रुपये किए जाने की बात कही।
महामंत्री कौशलेश त्रिपाठी ने कहा कि जूनियर अधिवक्ताओं के लिए जल्द ही लाइब्रेरी संचालन का प्रयास किया जाएगा। अधिवक्ताओं के मामले की जांच को 36 घंटे में पूरी कराने के लिए पुलिस अफसरों से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की हर समस्या जल्द से जल्द निस्तारित कराया जाएगा। जूबाए अध्यक्ष व महामंत्री ने कलक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई, कैंटीन खुलवाने, नए अधिवक्ताओं को मानदेय दिए जाने के संबंध में जल्द प्रस्ताव तैयार कराने की बात कही। साथ ही बार-बेंच के बीच बेहतर समन्वय को स्थापित करने पर जोर दिया।