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Pratapgarh News: सरसीखाम मिनी स्टेडियम... सात खेल और एक कोच
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मंगरौरा के सरसीखाम स्थित मिनी स्टेडियम में फुटबाॅल मैदान। संवाद
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खेलो इंडिया योजना के तहत मंगरौरा ब्लॉक के सरसीखाम मिनी स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सात खेलों की सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन प्रशिक्षण सिर्फ एक हैं। वह भी फुटबॉल और ताइक्वांडों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती हैं। इसके अलावा अन्य खेलों के खिलाड़ियों को आज भी अपने द्रोणाचार्य का इंतजार है।
स्टेडियम में फुटबॉल, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस व योगा के अभ्यास की व्यवस्था की गई है। यहां नियुक्त प्रशिक्षक प्रियंका ने बताया कि वह केवल फुटबॉल और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देंगी।
अन्य खेलों के खिलाड़ियों को अपने स्तर पर अभ्यास करना होता है। इससे अन्य खिलाड़ियों का हुनर नहीं निखर पा रहा है। खिलाड़ियों ने खेल विभाग से प्रशिक्षकों की तैनाती की मांग की है।
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वर्जन-
मिनी स्टेडियम में खेल सुविधाएं तो बढ़ी हैं लेकिन प्रशिक्षक का अभाव है। ऐसे ही अभ्यास नहीं कर पाती हूं। खेल की बारीकियां और गलतियां बताने वाला कोई नहीं है। - वैष्णवी सरोज
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वॉलीबॉल खेलने के लिए जाते हैं, सीनियरों से थोड़ी मदद मिल जाती है। आधा-अधूरा अभ्यास कर लौट आते हैं। स्टेडियम में वॉलीबॉल के प्रशिक्षक नहीं हैं, इससे और परेशानी हो रही है। - शिवम सरोज
.......
मिनी स्टेडियम में एक साथ इतने खेल होते हैं कि प्रशिक्षक सभी को समय नहीं दे पाती हैं, अपना बैडमिंटन लेकर खुद से अभ्यास करता हूं।
राज सरोज
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वर्जन-
विभाग के निर्देश पर मिनी स्टेडियमों में एक-एक कोच की तैनाती होनी थी, वह हो गई है। अब आगे जो निर्देश मिलेगा उसके अनुसार प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। - सुमित पाल, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी
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स्टेडियम में फुटबॉल, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस व योगा के अभ्यास की व्यवस्था की गई है। यहां नियुक्त प्रशिक्षक प्रियंका ने बताया कि वह केवल फुटबॉल और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देंगी।
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अन्य खेलों के खिलाड़ियों को अपने स्तर पर अभ्यास करना होता है। इससे अन्य खिलाड़ियों का हुनर नहीं निखर पा रहा है। खिलाड़ियों ने खेल विभाग से प्रशिक्षकों की तैनाती की मांग की है।
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वर्जन-
मिनी स्टेडियम में खेल सुविधाएं तो बढ़ी हैं लेकिन प्रशिक्षक का अभाव है। ऐसे ही अभ्यास नहीं कर पाती हूं। खेल की बारीकियां और गलतियां बताने वाला कोई नहीं है। - वैष्णवी सरोज
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वॉलीबॉल खेलने के लिए जाते हैं, सीनियरों से थोड़ी मदद मिल जाती है। आधा-अधूरा अभ्यास कर लौट आते हैं। स्टेडियम में वॉलीबॉल के प्रशिक्षक नहीं हैं, इससे और परेशानी हो रही है। - शिवम सरोज
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मिनी स्टेडियम में एक साथ इतने खेल होते हैं कि प्रशिक्षक सभी को समय नहीं दे पाती हैं, अपना बैडमिंटन लेकर खुद से अभ्यास करता हूं।
राज सरोज
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वर्जन-
विभाग के निर्देश पर मिनी स्टेडियमों में एक-एक कोच की तैनाती होनी थी, वह हो गई है। अब आगे जो निर्देश मिलेगा उसके अनुसार प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। - सुमित पाल, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी