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Pratapgarh News: दिल के लिए खतरे की घंटी हैं खर्राटे, रहें सजग
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सर्दी बढ़ने के साथ ही मरीजों में रात में सोते समय खर्राटों की बढ़ती आवाज दिल की बीमारी बढ़ा सकती है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। चिकित्सकों ने बताया कि ठंड में नाक और गले की झिल्लियों में सूजन आ जाती है। इसमें नींद में सांस रुकने और दिल की धड़कन तेज होने की संभावना रहती है। इन दिनों मेडिकल कॉलेज में औसतन इस तरह के 30 मरीज पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि खर्राटे की आवाज बढ़ना दिल के लिए खतरे की घंटी है। सांस के मरीज खर्राटे की आवाज को हल्के में न लें। तापमान गिरने से शरीर में वायु मार्ग संकुचित हो जाता है। इससे कई लोगों में खर्राटों की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है।
नाक और गले की झिल्लियों में सूजन आ जाती है। सांस की नली में वायु प्रवाह कम हो जाते हैं। ऐसे में नींद में सांस रुकने लगती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि साेते समय मरीजों में बार-बार सांस रुकने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। यह स्थिति लंबे समय तक रहने पर हाई बीपी और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
बरतें सावधानी
- धूल, धुएं से बचें।
- खर्राटों, सांस फूलने या नींद टूटने को नजरअंदाज न करें।
- नाक खुली और शरीर को गर्म रखें।
- वजन नियंत्रित रखें और सोने से पहले भारी भोजन न करें।
- सर्दी के दिनों में घर से बाहर न निकलें।
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मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि खर्राटे की आवाज बढ़ना दिल के लिए खतरे की घंटी है। सांस के मरीज खर्राटे की आवाज को हल्के में न लें। तापमान गिरने से शरीर में वायु मार्ग संकुचित हो जाता है। इससे कई लोगों में खर्राटों की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है।
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नाक और गले की झिल्लियों में सूजन आ जाती है। सांस की नली में वायु प्रवाह कम हो जाते हैं। ऐसे में नींद में सांस रुकने लगती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि साेते समय मरीजों में बार-बार सांस रुकने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। यह स्थिति लंबे समय तक रहने पर हाई बीपी और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
बरतें सावधानी
- धूल, धुएं से बचें।
- खर्राटों, सांस फूलने या नींद टूटने को नजरअंदाज न करें।
- नाक खुली और शरीर को गर्म रखें।
- वजन नियंत्रित रखें और सोने से पहले भारी भोजन न करें।
- सर्दी के दिनों में घर से बाहर न निकलें।
