Pratapgarh : शारदा सहायक नहर में नहाने गईं सगी बहन समेत तीन बच्चियां डूबीं, एसडीआरएफ टीम तलाश में जुटी
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के डंडियां खनवारी में बृहस्पतिवार को होली का रंग धोने व नहाने के लिए सगी बहनों समेत चार बच्चियां शारदा सहायक नहर की ओर गईं। नहाने के दौरान सभी डूबने लगीं। किसी तरह दो बच्चे निकलने में कामयाब हो गए, तीन बच्चियां गहरे पानी में समा गईं।
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संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के डंडियां खनवारी में बृहस्पतिवार को होली का रंग धोने व नहाने के लिए सगी बहनों समेत चार बच्चियां शारदा सहायक नहर की ओर गईं। नहाने के दौरान सभी डूबने लगीं। किसी तरह दो बच्चे निकलने में कामयाब हो गए, तीन बच्चियां गहरे पानी में समा गईं। देर शाम तक एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की टीम तलाश में जुटी रही।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के डंडियां खनवारी निवासी रामनरेश पटेल की तीन बेटियां 14 वर्षीय आंचल , 12 वर्षीय काजल, 10 वर्षीय रिया अपने चाचा अनिल पटेल की 9 वर्षीय बेटी मोहिनी बृहस्पतिवार करीब 11.30 बजे में होली का रंग खेलने के बाद गांव से 500 मीटर दूर प्रयागराज जलशाखा में नहाने चली गई। वहां पहुंचने के बाद सभी बच्चे उफनाई नहर में नहाने लगे। अचानक चारों बच्चियां डूबने लगीं। यह देख नहर के किनारे खड़ा हरिकृष्णा का 15 वर्षीय बेटा सतीश नहर में कूद पड़ा। डूब रही काजल किसी प्रकार बाहर निकल गई। तीनों बच्चियों को बचाने के दौरान सतीश डूबने लगा।
बच्चियों से किसी प्रकार वह अपना हाथ छुड़ाकर बाहर निकल आया। आंचल, रिया और रोशनी गहरे पानी में डूब गईं। बाहर निकले सतीश और काजल के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़कर पहुंचे। खबर मिलने पर रोते बिलखते बच्चियों के परिजन भी आ गए। घटना से गांव में मातम पसरा रहा। करीब दो दर्जन स्थानीय गोताखोर नहर में उतरकर बच्चियों को खोजते रहे।
घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष संग्रामगढ़ मनोज तोमर, सीओ लालगंज आशुतोष मिश्र के साथ संग्रामगढ़ और लालगंज से फायरब्रिगेड के कर्मचारी पहुंचे। शाम को जौनपुर से दरोगा रजत कुमार के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम पहुंचकर तलाश करने लगी। खबर भेजे जाने तक बच्चियों का पता नहीं चल सका। परिजन सभी के बचने की उम्मीद में नहर किनारे डटे रहे। सीओ आशुतोष मिश्र ने बताया कि नहर में ग्रामीणों के सहयोग से बच्चियों की तलाश की जा रही है।
सहमे रहे काजल व सतीश
नहर में डूबने से बचे काजल व सतीश सहमे रहे। सतीश परिवार के लोगों संग पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देता रहा। पहले तो उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहा था।
घटनास्थल पर पहुंचे बाबागंज विधायक
नहर में तीन बच्चियों के डूबने की खबर मिलने पर शाम को बाबागंज विधायक विनोद सरोज पहुंचे। परिवार के लोगों को सांत्वना देने के साथ ही एसडीएम वाचस्पति से जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि बच्चों की तलाश जारी है। अनहोनी होने पर शासन की मंशा के अनुरूप सभी के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मदद दी जाएगी।
बच्चियों के पिता करते हैं मजदूरी
नहर में डूबी बच्चियों के परिजन उनके मिलने की आस में डटे रहे। नहर में डूबी रिया व आंचल के पिता रामनरेश मजदूरी किसानी कर परिवार का गुजर बसर करते हैं। बहनों के डूबने पर भाई राजू, हिमांशु व बच निकली बहन काजल की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मां आशा भी नहर के किनारे रोती बिलखती रही। माेहिनी के पिता अनिल कुमार भी मजदूरी करते हैं। उसकी मां सुमन को गांव की महिलाएं संभालती रहीं।
विलंब से पहुंची मदद...ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
प्रयागराज शारदा सहायक नहर में तीन बच्चियों के डूबने की खबर देने के बाद भी करीब दो घंटे विलंब से पुलिस व प्रशासन के जिम्मेदार पहुंचे। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प हुई।
संग्रामगढ़ के डंडियां खनवासी के रहने वाले रामनरेश की बेटी रिया व आंचल के साथ ही अनिल की बेटी मोहिनी करीब 11.30 बजे नहाने के दौरान नहर के गहरे पानी में समा गईं। नहर से निकले सतीश व काजल के शोर मचाने पर ग्रामीण भी आ गए। पुलिस व फायरब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही स्थानीय गोताखोर बच्चियों की तलाश करने नहर में उतर पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के दो घंटे बाद पुलिस पहुंची।
यदि समय पर मदद मिल जाती तो बच्चियों को गहरे पानी में डूबने से बचाया जा सकता था। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से ग्रामीणों की कई बार झड़प हुई। हालांकि थानाध्यक्ष मनोज तोमर लोगों को समझा बुझाकर हटाते रहे। रोते बिलखते परिजन की आंखों से केवल आंसू ही गिरता रहा। शाम को एसडीएम ने रायबरेली से नहर का बैराज बंद कराया। जिसके बाद पानी कम हुआ और एसडीआरएफ की टीम बच्चियों की तलाश करने में डट गई।
