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Pratapgarh News: ड्रोन परीक्षण करना सीखेंगे युवा, बनेंगे टेक्नीशियन
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ड्रोन के रखरखाव के साथ मरम्मत और परीक्षण का काम युवा सीखेंगे। युवाओं को ड्रोन टेक्नीशियन का प्रशिक्षण देने के लिए आईटीआई कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए छह-छह माह के शॉर्ट टर्म पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
छह माह के प्रशिक्षण में युवाओं को ड्रोन के माध्यम से हवाई फोटोग्रॉफी, डिलीवरी, निगरानी, कृषि कार्य का सर्वेक्षण करने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान युवा ड्रोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ीं बारीकियां सीखेंगे। ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक घटकों जैसे सेंसर, बैटरी, मोटर की जांच करने का भी प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाएगा।
ड्रोन के उड़ान के बाद रिपोर्ट तैयार करने का तरीका भी युवाओं को बताया जाएगा ताकि उड़ान के समय आने वाली दिक्कतों को आसानी से पहचान सकें। नोडल प्रधानाचार्य आलोक कुमार ने बताया कि युवा शॉर्ट टर्म कोर्स में दाखिला लेकर बेहतर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। दाखिले की प्रक्रिया आईटीआई कॉलेज में चल रही है।
रक्षा से लेकर कृषि क्षेत्र तक ड्रोन टेक्नीशियन की मांग
राजकीय आईटीआई कॉलेज के प्रबंधक मनोज सिंह ने बताया कि रक्षा से लेकर कृषि क्षेत्र तक ड्रोन टेक्नीशियन की मांग अधिक होने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। बताया कि रक्षा क्षेत्र में निगरानी और युद्ध के समय ड्रोन की जरूरत होती है। वहीं, कृषि क्षेत्र में फसल की निगरानी, कीटनाशकों का छिड़काव, मिट्टी का विश्लेषण करने में ड्रोन का प्रयोग किया जाता है। निर्माण स्थलों के सर्वेक्षण से लेकर निरीक्षण तक का काम ड्रोन के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। बताया कि आपदा प्रबंधन जैसी स्थिति में ड्रोन की भूमिका बढ़ जाती है।
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छह माह के प्रशिक्षण में युवाओं को ड्रोन के माध्यम से हवाई फोटोग्रॉफी, डिलीवरी, निगरानी, कृषि कार्य का सर्वेक्षण करने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान युवा ड्रोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ीं बारीकियां सीखेंगे। ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक घटकों जैसे सेंसर, बैटरी, मोटर की जांच करने का भी प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाएगा।
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ड्रोन के उड़ान के बाद रिपोर्ट तैयार करने का तरीका भी युवाओं को बताया जाएगा ताकि उड़ान के समय आने वाली दिक्कतों को आसानी से पहचान सकें। नोडल प्रधानाचार्य आलोक कुमार ने बताया कि युवा शॉर्ट टर्म कोर्स में दाखिला लेकर बेहतर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। दाखिले की प्रक्रिया आईटीआई कॉलेज में चल रही है।
रक्षा से लेकर कृषि क्षेत्र तक ड्रोन टेक्नीशियन की मांग
राजकीय आईटीआई कॉलेज के प्रबंधक मनोज सिंह ने बताया कि रक्षा से लेकर कृषि क्षेत्र तक ड्रोन टेक्नीशियन की मांग अधिक होने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। बताया कि रक्षा क्षेत्र में निगरानी और युद्ध के समय ड्रोन की जरूरत होती है। वहीं, कृषि क्षेत्र में फसल की निगरानी, कीटनाशकों का छिड़काव, मिट्टी का विश्लेषण करने में ड्रोन का प्रयोग किया जाता है। निर्माण स्थलों के सर्वेक्षण से लेकर निरीक्षण तक का काम ड्रोन के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। बताया कि आपदा प्रबंधन जैसी स्थिति में ड्रोन की भूमिका बढ़ जाती है।
