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Raebareli News: किसान को बीमे का क्लेम देने से नहीं बच सकतीं कंपनियां
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 14 Mar 2026 01:22 AM IST
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रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मुकदमे में सुनवाई करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्डधारक की मौत को नॉमिनी को बीमे का क्लेम देने का बीमा कंपनी नहीं बच सकती है। मुकदमे में फैसला सुनाते हुए आयोग ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस को 1.03 लाख रुपये का भुगतान देने का आदेश दिया है।
लालगंज निवासी दुर्गाशंकर ने बैंक ऑफ बड़ौदा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। किसान ने बचत खाता में अपने बेटे कामता प्रसाद बाजपेयी को नॉमिनी बनाया था। बैंक ने खाताधारक के किसान क्रेडिट कार्ड का टाटा जनरल इंश्योरेंस से मास्टर पॉलिसी के तहत एक लाख का बीमा करवा दिया था। किसान ने एक हजार रुपये की किस्त भी जमा कर दी थी। बीमित काल में ही खाता धारक की मृत्यु हो गई।
नॉमिनी ने क्लेम की मांग की तो बीमा कंपनी ने क्लेम देने का इन्कार कर दिया। उधर, क्रेडिट कार्ड में 50 हजार रुपये बकाया होने पर बैंक ने वसूली का दबाव बनाना भी शुरू कर दिया। पीड़ित ने आयोग का दरवाजा खटखटाकर बीमे का क्लेम दिलाने की मांग की। मुकदमे में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष मदन लाल निगम व सदस्य प्रतिमा सिंह ने नॉमिनी के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को तय समय में 1.03 लाख रुपये के क्लेम का भुगतान करने का आदेश दिया है।
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नॉमिनी ने क्लेम की मांग की तो बीमा कंपनी ने क्लेम देने का इन्कार कर दिया। उधर, क्रेडिट कार्ड में 50 हजार रुपये बकाया होने पर बैंक ने वसूली का दबाव बनाना भी शुरू कर दिया। पीड़ित ने आयोग का दरवाजा खटखटाकर बीमे का क्लेम दिलाने की मांग की। मुकदमे में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष मदन लाल निगम व सदस्य प्रतिमा सिंह ने नॉमिनी के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को तय समय में 1.03 लाख रुपये के क्लेम का भुगतान करने का आदेश दिया है।