UP News: साइबर ठगी का बड़ा खेल बेनकाब, फर्जी फर्म और खातों से होता था करोड़ों का लेनदेन; आठ आरोपी गिरफ्तार
फर्जी फर्म से साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करने पर रायबरेली में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगों के नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाकर रकम निकालते थे। इनके पास से चेक-एटीएम समेत दस्तावेज बरामद हुए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी के रायबरेली में कोतवाली नगर और साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार इंदौर (मध्यप्रदेश), तीन रायबरेली और एक बांदा का रहने वाला है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, बैंक चेक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर टीम ने राजघाट मोड़ के पास से बांदा के कटरा निवासी आनंद मिश्रा, रायबरेली शहर निवासी प्रभाकर श्रीवास्तव, रायबरेली के ही अलीनगर निवासी सईद मो. आजम, सत्यनगर निवासी मो. अकरम, इंदौर निवासी आकाश गौड़, जतिन सेन, बब्लू हिरवे और सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार सत्यनगर निवासी मो. अकरम जिम संचालक है। पुलिस उसके जिम की भी तलाशी ले रही है और वहां आने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
फर्जी फर्म के नाम पर खुलवाते थे खाते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह लोगों के नाम पर फर्जी फर्म पंजीकृत कराता था। इसके बाद फर्म के नाम पर जीएसटी पंजीकरण और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगाने के बाद उसे कई खातों में स्थानांतरित किया जाता था। बाद में गिरोह के सदस्य एटीएम से रकम निकालकर आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक फर्जी फर्म और खाते खुलवाने के लिए आधार और पैन समेत अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों के पास से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 16 चेक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की 56 चेक, एटीएम कार्ड, इंडियन बैंक का खाता खोलने का भरा हुआ फॉर्म, हस्ताक्षर व मुहर लगी 34 बैंक चेक समेत विभिन्न बैंकों के चेक और एटीएम बरामद हुए हैं।
एटीएम से रकम निकालकर बंटवारा करते थे
सीओ सिटी आशीष निगम ने बताया कि आरोपी फर्जी फर्म और खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करते थे और बाद में एटीएम से रकम निकालकर उसका बंटवारा करते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों और रैकेट के विस्तार की जानकारी जुटाई जा रही है।