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Raebareli News: नाबालिग की नौकरी के मामले का निस्तारण करेंगे डीजी
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:37 AM IST
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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में नाबालिग को नौकरी देने के मामले में हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने कर्मचारी को आदेश दिया कि वह स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय में आवेदन करें। मामले का निस्तारण सुनवाई के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक अपने स्तर से करेंगे।
शहर के निराला नगर निवासी गयादीन को 17 साल 10 माह और दो दिन की उम्र में ही स्वास्थ्य विभाग में धोबी के पद की नौकरी मिल गई थी। वेतन से जीपीएफ की कटौती बंद होने पर इस गड़बड़ी का खुलासा होने पर कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पूरी भर्ती प्रक्रिया तत्कालीन सीएमओ के स्तर से पूरी कराई गई थी। नगर क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल से कक्षा पांच पास होने का प्रमाणपत्र लगाकर धोबी के पद पर नियुक्ति पाने के बाद गयादीन को महराजगंज सीएचसी में तीन मई 1986 को ड्यूटी ज्वाइन कराई गई थी। उस समय उसकी उम्र 17 साल 10 माह और दो दिन थी। इसके बाद उन्हें सीएचसी ऊंचाहार, पीएसी बटालियन में भेज दिया गया। वर्तमान समय में वह सीएमओ कार्यालय में कार्यरत है।
39 साल की नौकरी पूरी होने के बाद उसकी जीपीएफ से होने वाली कटाैती भी बंद हो गई। विभाग ने गयादीन के अभिलेखों को खंगाला तो पता चला कि नियुक्ति के समय वह नाबालिग थे। भ्रष्टाचार की पोल खुलते ही कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। कर्मचारी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक को निर्णय लेने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कर्मचारी स्वास्थ्य महानिदेशक के यहां इस संबंध में आवेदन करेगा। प्रक्रिया पूरी करके महानिदेशक मामले में निर्णय लेंगे। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गयादीन के मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। इसके तहत अब कर्मचारी को महानिदेशक कार्यालय में आवेदन करना होगा।
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शहर के निराला नगर निवासी गयादीन को 17 साल 10 माह और दो दिन की उम्र में ही स्वास्थ्य विभाग में धोबी के पद की नौकरी मिल गई थी। वेतन से जीपीएफ की कटौती बंद होने पर इस गड़बड़ी का खुलासा होने पर कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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पूरी भर्ती प्रक्रिया तत्कालीन सीएमओ के स्तर से पूरी कराई गई थी। नगर क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल से कक्षा पांच पास होने का प्रमाणपत्र लगाकर धोबी के पद पर नियुक्ति पाने के बाद गयादीन को महराजगंज सीएचसी में तीन मई 1986 को ड्यूटी ज्वाइन कराई गई थी। उस समय उसकी उम्र 17 साल 10 माह और दो दिन थी। इसके बाद उन्हें सीएचसी ऊंचाहार, पीएसी बटालियन में भेज दिया गया। वर्तमान समय में वह सीएमओ कार्यालय में कार्यरत है।
39 साल की नौकरी पूरी होने के बाद उसकी जीपीएफ से होने वाली कटाैती भी बंद हो गई। विभाग ने गयादीन के अभिलेखों को खंगाला तो पता चला कि नियुक्ति के समय वह नाबालिग थे। भ्रष्टाचार की पोल खुलते ही कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। कर्मचारी ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक को निर्णय लेने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कर्मचारी स्वास्थ्य महानिदेशक के यहां इस संबंध में आवेदन करेगा। प्रक्रिया पूरी करके महानिदेशक मामले में निर्णय लेंगे। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गयादीन के मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है। इसके तहत अब कर्मचारी को महानिदेशक कार्यालय में आवेदन करना होगा।
