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Raebareli News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह समेत 255 पर एफआईआर
Thu, 02 Jul 2026 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:55 AM IST
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सलोन (रायबरेली)। सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर हुए बवाल के मामले में पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह समेत 255 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने हाईवे जाम किया, लोगों को भड़काया, पथराव किया तथा पुलिसकर्मियों और राहगीरों पर जानलेवा हमला किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई है।
खम्हरिया पूरे कुशल गांव निवासी मेवालाल सरोज (35) 28 जून को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान 29 जून को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई तथा सरकारी सहायता की मांग को लेकर मंगलवार को रायबरेली-जौनपुर हाईवे जाम कर दिया था। इस दौरान पथराव में पुलिसकर्मी और कुछ राहगीर घायल हो गए, जबकि परशदेपुर चौकी प्रभारी के निजी वाहन को भी क्षति पहुंची। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
हल्का दरोगा देवेश चौधरी की तहरीर पर सलोन कोतवाली में पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह, अनुज सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ वीपी सिंह, उदयभान उर्फ रिंकू अंबेडकर, गौतम तथा 250 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि नामजद आरोपियों ने भीड़ को उकसाया और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। सलोन कोतवाली प्रभारी बालेंदु गौतम ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मेवालाल की मौत के मामले में पहले ही दर्ज हो चुकी है एफआईआर
पुलिस के अनुसार, 28 जून की सुबह मेवालाल सरोज साइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि राजापुर स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने गांव के प्रधान प्रतिनिधि शुभम सिंह उर्फ रघुराज प्रताप सिंह, उनके भाई लव सिंह और गुड्डू सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल से उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल मेवालाल की 29 जून को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी राजरानी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मौत के बाद बढ़ा आक्रोश, हाईवे जाम तक पहुंचा मामला
पुलिस का कहना है कि मेवालाल की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद ग्रामीणों को आशंका थी कि प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसी बीच कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद शव को चारपाई पर रखकर हाईवे जाम कर दिया गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। एसपी रवि कुमार ने बताया कि हाईवे जाम करने, पथराव करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के बुलावे पर मौके पर गया था : आजाद सिंह
पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी के बुलावे पर प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठा फंसाया गया है। बवाल के वायरल वीडियो से स्वयं पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। न तो उन्होंने किसी पर हमला किया और न लोगों को उकसाने का कार्य किया है।
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खम्हरिया पूरे कुशल गांव निवासी मेवालाल सरोज (35) 28 जून को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान 29 जून को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई तथा सरकारी सहायता की मांग को लेकर मंगलवार को रायबरेली-जौनपुर हाईवे जाम कर दिया था। इस दौरान पथराव में पुलिसकर्मी और कुछ राहगीर घायल हो गए, जबकि परशदेपुर चौकी प्रभारी के निजी वाहन को भी क्षति पहुंची। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
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हल्का दरोगा देवेश चौधरी की तहरीर पर सलोन कोतवाली में पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह, अनुज सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ वीपी सिंह, उदयभान उर्फ रिंकू अंबेडकर, गौतम तथा 250 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि नामजद आरोपियों ने भीड़ को उकसाया और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। सलोन कोतवाली प्रभारी बालेंदु गौतम ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मेवालाल की मौत के मामले में पहले ही दर्ज हो चुकी है एफआईआर
पुलिस के अनुसार, 28 जून की सुबह मेवालाल सरोज साइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि राजापुर स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने गांव के प्रधान प्रतिनिधि शुभम सिंह उर्फ रघुराज प्रताप सिंह, उनके भाई लव सिंह और गुड्डू सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल से उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल मेवालाल की 29 जून को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी राजरानी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मौत के बाद बढ़ा आक्रोश, हाईवे जाम तक पहुंचा मामला
पुलिस का कहना है कि मेवालाल की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद ग्रामीणों को आशंका थी कि प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। इसी बीच कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद शव को चारपाई पर रखकर हाईवे जाम कर दिया गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। एसपी रवि कुमार ने बताया कि हाईवे जाम करने, पथराव करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के बुलावे पर मौके पर गया था : आजाद सिंह
पूर्व ब्लॉक प्रमुख आजाद सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी के बुलावे पर प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठा फंसाया गया है। बवाल के वायरल वीडियो से स्वयं पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। न तो उन्होंने किसी पर हमला किया और न लोगों को उकसाने का कार्य किया है।