{"_id":"6a6ba2e60eb24e41e6047b4b","slug":"first-modern-waste-disposal-plant-to-be-built-in-saidanpur-raebareli-news-c-101-1-slko1031-164044-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: सैदनपुर में बनेगा पहला आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: सैदनपुर में बनेगा पहला आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट
Fri, 31 Jul 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। मुंशीगंज-डलमऊ मार्ग स्थित बेंद पुल के पास शहर का पहला आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट बनेगा। सदर तहसील की ओर से इसके लिए सवा चार बीघा जमीन चिह्नित की गई है। इसमें करीब आठ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके निर्माण से शहर को और साफ-सुथरा बनाया जा सकेगा। नगर पालिका परिषद, रायबरेली में करीब ढाई लाख की आबादी रहती है। खासतौर पर एम्स तक सीमा विस्तार को लेकर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए बस शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
बीते कुछ वर्षों में शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से शहरीकरण हुआ है। हालांकि जैतूपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट बना है लेकिन इसमें कूड़ा निस्तारण की आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। इससे शहर के 34 वार्डों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण पूरी तरह से नहीं हो पाता है। नगर के सीमा विस्तार और शहर को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट को सैदनपुर गांव के पास बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। नगर पालिका ने इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली है। शहर में प्रतिदिन 700 क्विंटल टन कूड़ा निकलता है। नए प्लांट में प्रतिदिन 800 क्विंटल टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता होगी। प्लांट की स्थापना शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
आधुनिक मशीनों से बदलेगी व्यवस्था
आधुनिक कूड़ा निस्तारण (कचरा प्रबंधन) प्लांट में कचरे को छांटने, पीसने और रीसाइक्लिंग करने के लिए ट्रॉमल मशीन, श्रेडर मशीन और बेलिंग मशीन जैसी मुख्य मशीनें लगाई जाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार ट्रॉमल मशीन घूमती हुई छन्नी जैसी बड़ी मशीन होती है, जो कचरे को आकार के आधार पर अलग-अलग करती है। बेलिंग मशीन रीसाइक्लिंग होने वाली चीजों (गत्ते, कागज, प्लास्टिक) को दबाकर कसकर गठरी या बंडल बनाती है। इसके बाद कम्पोस्टिंग मशीन गीले और जैविक कचरे को सड़ाकर खाद में बदल देती है।
विज्ञापन
कोट्स
शहरीकरण तेजी के साथ बढ़ा है। इसी देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत सैदनपुर गांव के पास आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाया जाएगा। इससे शहर को साफ-सुथरा और बनाने में मदद मिलेगी। इसके लिए जमीन भी मिल गई है। जल्द ही कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित कराने का कार्य शुरू होगा।
स्वर्ण सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका परिषद अधिकारी
विज्ञापन
बीते कुछ वर्षों में शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से शहरीकरण हुआ है। हालांकि जैतूपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट बना है लेकिन इसमें कूड़ा निस्तारण की आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं। इससे शहर के 34 वार्डों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण पूरी तरह से नहीं हो पाता है। नगर के सीमा विस्तार और शहर को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट को सैदनपुर गांव के पास बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। नगर पालिका ने इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली है। शहर में प्रतिदिन 700 क्विंटल टन कूड़ा निकलता है। नए प्लांट में प्रतिदिन 800 क्विंटल टन कूड़ा निस्तारण की क्षमता होगी। प्लांट की स्थापना शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
विज्ञापन
आधुनिक मशीनों से बदलेगी व्यवस्था
आधुनिक कूड़ा निस्तारण (कचरा प्रबंधन) प्लांट में कचरे को छांटने, पीसने और रीसाइक्लिंग करने के लिए ट्रॉमल मशीन, श्रेडर मशीन और बेलिंग मशीन जैसी मुख्य मशीनें लगाई जाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार ट्रॉमल मशीन घूमती हुई छन्नी जैसी बड़ी मशीन होती है, जो कचरे को आकार के आधार पर अलग-अलग करती है। बेलिंग मशीन रीसाइक्लिंग होने वाली चीजों (गत्ते, कागज, प्लास्टिक) को दबाकर कसकर गठरी या बंडल बनाती है। इसके बाद कम्पोस्टिंग मशीन गीले और जैविक कचरे को सड़ाकर खाद में बदल देती है।
विज्ञापन
कोट्स
शहरीकरण तेजी के साथ बढ़ा है। इसी देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत सैदनपुर गांव के पास आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाया जाएगा। इससे शहर को साफ-सुथरा और बनाने में मदद मिलेगी। इसके लिए जमीन भी मिल गई है। जल्द ही कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित कराने का कार्य शुरू होगा।
स्वर्ण सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका परिषद अधिकारी