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Raebareli News: एससीआर में शामिल रायबरेली को मिलेंगेी हाईटेक सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:01 AM IST
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रायबरेली में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे।
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रायबरेली। स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल रायबरेली के दिन बहुरने वाले हैं। प्रदेश कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) नोडल के रूप में काम कर रहा है। इस संबंध में रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मांगी गई सूचना एलडीए को उपलब्ध कराई गई है।
एससीआर में शामिल होने से जिले को मेट्रो सिटी जैसी सहूलियतें मिल सकेंगी। इतना ही नहीं बाईपास, ओवरब्रिज आदि हाईटेक सुविधाएं मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। लखनऊ-रायबरेली हाईवे भी छह लेन बनेगा।
दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर रायबरेली व लखनऊ समेत छह जिलों को शामिल करके एससीआर बनाया गया है। इन जिलों को मेट्रो शहरों वाली सुविधाएं मिलनी जल्द शुरू हो जाएंगी। हाई लेवल कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार ने पिछले साल ही एससीआर को हरी झंडी दे दी है। करीब 27,826 वर्ग किलोमीटर के एससीआर में जिले के बछरावां, शिवगढ़, हरचंदपुर, रायबरेली शहर सहित पूरे जिले के एससीआर में शामिल होने की उम्मीद है।
इसमें लखनऊ-रायबरेली रोड एक प्रमुख गलियारा है। इस हाईवे को छह लेन करने का काम भी जल्द ही शुरू हो सकता है। शासन ने एलडीए को इसके लिए नोडल बनाया है। एलडीए के स्तर से आरडीए से मास्टर प्लान, योजनाओं आदि के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी गई थी। आरडीए ने अपनी रिपोर्ट एलडीए को भेज दी है। जल्द ही काम शुरू होने के बाद जिले के लोगों को हाईटेक सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी।
लखनऊ व रायबरेली के बीच हो सकते हैं ये काम
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन जुलाई 2024 में हुआ है। लखनऊ-रायबरेली रोड के छह लेन किए जाने के साथ ही फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। करीब 250 किलोमीटर की बनने वाली रिंग रोड एससीआर के छह जिलों को जोड़ेगी। इसका डीपीआर जुलाई 2025 में पूरा हो चुका है। रायबरेली व लखनऊ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम लागू किया जा सकता है। मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार रायबरेली तक करने का प्रस्ताव है।
जिले में फ्लाइंग स्कूल और छोटा हवाई अड्डा प्रस्तावित किया गया है। जिले में मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री और इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज पहले से मौजूद हैं। एससीआर के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के लिए नए औद्योगिक पार्क और स्मार्ट क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव है। शॉपिंग मॉल, कार्यालय परिसर और मल्टीप्लेक्स का निर्माण होगा। इससे छोटे-बड़े उद्योगाें को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्टेट कैपिटल रीजन के लिए एलडीए को नोडल बनाया गया है। प्राधिकरण से मांगी गई जरूरी सूचना एलडीए को उपलब्ध करा दी गई है। एससीआर में होने वाले कार्यों के संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण से ही अन्य जानकारी मिल सकेगी। जो भी सूचना मांगी जाती है, उसे तत्काल भेजा जा रहा है।
राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, रायबरेली विकास प्राधिकरण रायबरेली
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एससीआर में शामिल होने से जिले को मेट्रो सिटी जैसी सहूलियतें मिल सकेंगी। इतना ही नहीं बाईपास, ओवरब्रिज आदि हाईटेक सुविधाएं मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। लखनऊ-रायबरेली हाईवे भी छह लेन बनेगा।
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दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर रायबरेली व लखनऊ समेत छह जिलों को शामिल करके एससीआर बनाया गया है। इन जिलों को मेट्रो शहरों वाली सुविधाएं मिलनी जल्द शुरू हो जाएंगी। हाई लेवल कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार ने पिछले साल ही एससीआर को हरी झंडी दे दी है। करीब 27,826 वर्ग किलोमीटर के एससीआर में जिले के बछरावां, शिवगढ़, हरचंदपुर, रायबरेली शहर सहित पूरे जिले के एससीआर में शामिल होने की उम्मीद है।
इसमें लखनऊ-रायबरेली रोड एक प्रमुख गलियारा है। इस हाईवे को छह लेन करने का काम भी जल्द ही शुरू हो सकता है। शासन ने एलडीए को इसके लिए नोडल बनाया है। एलडीए के स्तर से आरडीए से मास्टर प्लान, योजनाओं आदि के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी गई थी। आरडीए ने अपनी रिपोर्ट एलडीए को भेज दी है। जल्द ही काम शुरू होने के बाद जिले के लोगों को हाईटेक सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी।
लखनऊ व रायबरेली के बीच हो सकते हैं ये काम
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन जुलाई 2024 में हुआ है। लखनऊ-रायबरेली रोड के छह लेन किए जाने के साथ ही फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। करीब 250 किलोमीटर की बनने वाली रिंग रोड एससीआर के छह जिलों को जोड़ेगी। इसका डीपीआर जुलाई 2025 में पूरा हो चुका है। रायबरेली व लखनऊ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम लागू किया जा सकता है। मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार रायबरेली तक करने का प्रस्ताव है।
जिले में फ्लाइंग स्कूल और छोटा हवाई अड्डा प्रस्तावित किया गया है। जिले में मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री और इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज पहले से मौजूद हैं। एससीआर के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के लिए नए औद्योगिक पार्क और स्मार्ट क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव है। शॉपिंग मॉल, कार्यालय परिसर और मल्टीप्लेक्स का निर्माण होगा। इससे छोटे-बड़े उद्योगाें को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्टेट कैपिटल रीजन के लिए एलडीए को नोडल बनाया गया है। प्राधिकरण से मांगी गई जरूरी सूचना एलडीए को उपलब्ध करा दी गई है। एससीआर में होने वाले कार्यों के संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण से ही अन्य जानकारी मिल सकेगी। जो भी सूचना मांगी जाती है, उसे तत्काल भेजा जा रहा है।
राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, रायबरेली विकास प्राधिकरण रायबरेली
