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अयोध्या के ट्रस्ट को भंग कर देना चाहिए: शंकराचार्य बोले- मूर्धन्य धर्माचार्यों का ट्रस्ट बनाया जाए

Sat, 11 Jul 2026 07:12 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sat, 11 Jul 2026 07:12 PM IST
सार

जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में जो भी हुआ वो लोगों की आस्था को चकनाचूर करने वाला है। वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर दिया जाना चाहिए।

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The Ayodhya trust should be dissolved, Shankaracharya says
जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : amar ujala

विस्तार

जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की शनिवार को जिले के लालगंज, सरेनी, डलमऊ और गदागंज से यात्रा निकली, इस दौरान गाय को माता का दर्ज दिए जाने की बात शंकराचार्य ने कही। साथ ही लोगों को गाय की सुरक्षा और गाय को माता का दर्ज मिले, इसकी शपथ दिलाई।

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अयोध्या के मामले पर शंकराचार्य ने कहा कि अयोध्या में जो कुछ भी हुआ है, वह करोड़ों लोगों की आस्था को चकनाचूर करने वाला है। विश्वास की बहाली बहुत कठिन हो गई है। हमारी मांग है कि तत्काल इस ट्रस्ट को भंग कर दिया जाए। साथ ही जो देश के मूर्धन्य धर्माचार्य हैं , उनका ट्रस्ट बनाया जाए।
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उस ट्रस्ट में अयोध्या के धर्माचार्यों को भी शामिल किया जाए। एक कमेटी बनाई जाए जो अयोध्या में रोज की गतिविधि को देख सके। सरकार की विजिलेंस की टीम अयोध्या में रहे, इससे आपत्ति नहीं है लेकिन धर्म कार्य से अब इन्हें हट जाना चाहिए।

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