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Raebareli News: रीजनल कैंसर संस्थान का इंतजार, बढ़ेंगी रोगियों की सहूलियतें
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:43 PM IST
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कैंसर के रोगियों के इलाज की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन रेडियोथेरेपी के लिए मरीजों को बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। रीजनल कैंसर संस्थान खुलने के बाद ही मरीजों को यह सुविधा मिल सकेगी। कीमियोथेरेपी के साथ ही बच्चेदानी सहित अन्य ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। एम्स में एक साल में दो सौ से अधिक कैंसर रोगियों को सर्जरी की सुविधा मिल चुकी है। अब तक 10 हजार से अधिक मरीज रेडिएशन और सर्जिकल अंकोलॉजी की ओपीडी में आ चुके है। उधर, जिला अस्पताल में कैंसर डे केयर सेंटर कागजों तक सिमटकर रह गया है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या में इजाफा है। जिला अस्पताल में कैंसर की जांच और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। शासन की मंशा पर कैंसर रोगियों को दिन में भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए कैंसर डे केयर सेंटर संचालित करने के आदेश दिए गए थे। इस केंद्र के माध्यम से कीमोथेरेपी, दर्द प्रबंधन और अन्य सहायक उपचारों की सुविधा मिलनी थी। इसके लिए वार्ड तीन में 10 बेड आरक्षित भी किए गए, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं। एम्स में कैंसर रोगियों के लिए रीजनल कैंसर संस्थान खोला जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद वित्त विभाग की मोहर लगनी बाकी है। इस संस्थान के संचालित होने के बाद जिले के साथ ही अन्य जनपदों के कैंसर रोगियों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान समय में ओपीडी में आने वाले कैंसर रोगियों का इलाज हो रहा है।
एम्स में पैलिएटिव केयर ओपीडी की सुविधा
एम्स में कैंसर रोग विभाग में कीमोथेरेपी के अलावा रेडिएशन और सर्जिकल अंकोलॉजी की सुविधा उपलब्ध है। पैलिएटिव केयर ओपीडी की सुविधा भी मरीजाें को मिल रही है। पैलिएटिव केयर एक विशेष तरह की देखभाल है, जिसमें कैंसर का पता चलते ही इसे आरंभ कर देने से रोगियों को शारीरिक तकलीफों के साथ मानसिक समस्याओं से भी राहत मिलती है। पैलिएटिव केयर का उद्देश्य रोगियों व उनके परिजनों को सभी परेशानियों से राहत दिलाकर उनके जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हुए उनको यथासंभव आत्मनिर्भर बनाना होता है। इससे वह शांति के साथ अपना बचा हुआ जीवन जी सके। कैंसर रोगियों को तरह-तरह के शारीरिक लक्षण होते हैं। दर्द, सांस फूलना, खून का रिसाव, पेशाब करने में तकलीफ आदि की समस्या होती है। उनको मानसिक परेशानी भी होने लगती है।
कैंसर के मरीजों को जांच और इलाज की सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। रेडियोथेरेपी के अलावा इलाज के सारे बंदोबस्त हैं। रीजनल कैंसर संस्थान के खुलने के बाद रेडियोथेरेपी की सुविधा भी कैंसर के मरीजों को दी जाएगी। मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है।
डॉ. नीरज कुमारी श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक एम्स रायबरेली
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जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या में इजाफा है। जिला अस्पताल में कैंसर की जांच और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। शासन की मंशा पर कैंसर रोगियों को दिन में भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के लिए कैंसर डे केयर सेंटर संचालित करने के आदेश दिए गए थे। इस केंद्र के माध्यम से कीमोथेरेपी, दर्द प्रबंधन और अन्य सहायक उपचारों की सुविधा मिलनी थी। इसके लिए वार्ड तीन में 10 बेड आरक्षित भी किए गए, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं। एम्स में कैंसर रोगियों के लिए रीजनल कैंसर संस्थान खोला जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद वित्त विभाग की मोहर लगनी बाकी है। इस संस्थान के संचालित होने के बाद जिले के साथ ही अन्य जनपदों के कैंसर रोगियों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान समय में ओपीडी में आने वाले कैंसर रोगियों का इलाज हो रहा है।
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एम्स में पैलिएटिव केयर ओपीडी की सुविधा
एम्स में कैंसर रोग विभाग में कीमोथेरेपी के अलावा रेडिएशन और सर्जिकल अंकोलॉजी की सुविधा उपलब्ध है। पैलिएटिव केयर ओपीडी की सुविधा भी मरीजाें को मिल रही है। पैलिएटिव केयर एक विशेष तरह की देखभाल है, जिसमें कैंसर का पता चलते ही इसे आरंभ कर देने से रोगियों को शारीरिक तकलीफों के साथ मानसिक समस्याओं से भी राहत मिलती है। पैलिएटिव केयर का उद्देश्य रोगियों व उनके परिजनों को सभी परेशानियों से राहत दिलाकर उनके जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हुए उनको यथासंभव आत्मनिर्भर बनाना होता है। इससे वह शांति के साथ अपना बचा हुआ जीवन जी सके। कैंसर रोगियों को तरह-तरह के शारीरिक लक्षण होते हैं। दर्द, सांस फूलना, खून का रिसाव, पेशाब करने में तकलीफ आदि की समस्या होती है। उनको मानसिक परेशानी भी होने लगती है।
कैंसर के मरीजों को जांच और इलाज की सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। रेडियोथेरेपी के अलावा इलाज के सारे बंदोबस्त हैं। रीजनल कैंसर संस्थान के खुलने के बाद रेडियोथेरेपी की सुविधा भी कैंसर के मरीजों को दी जाएगी। मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है।
डॉ. नीरज कुमारी श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक एम्स रायबरेली
