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Raebareli News: पड़ेरा में बनेगा प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय
Tue, 07 Jul 2026 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:16 AM IST
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रायबरेली। हरचंदपुर ब्लॉक के राजकीय कृषि प्रक्षेत्र (फार्म) पड़ेरा में प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय बनेगा। ऐसे में अब बीज उत्पादन के साथ ही महाविद्यालय की स्थापना होने से कृषि अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीक को भी गति मिलेगी। महाविद्यालय की स्थापना पर प्रदेश सरकार 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर जमीन भी निशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है।
मौजूदा समय में यहां पर बीज उत्पादन का काम होता है। प्रति साल गेहूं, धान के अलावा दलहन-तिलहनी फसलों का करीब 1500 क्विंटल बीज उत्पादन होता है। काफी समय से राजकीय कृषि प्रक्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय बनाने की कवायद चल रही थी। प्रदेश सरकार ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में पड़ेरा में प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के तहत 50 करोड़ की लागत से इस महाविद्यालय की स्थापना होगी। महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि निशुल्क हस्तांतरित को भी स्वीकृति दी गई है। नए महाविद्यालय से कृषि अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीक को नई गति मिलेगी। जिले के करीब छह लाख किसानों को औद्यानिक खेती की भी जानकारी हो सकेगी। इस महाविद्यालय में छात्र शोध कर सकेंगे। इसके साथ ही छात्रावास की व्यवस्था कराई जाएगी। उद्यान विभाग का अलग से सेंटर होगा।
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चुनाव से पहले जिले के लिए बड़ी उपलब्धि
उद्यान महाविद्यालय के बहाने भाजपा ने एक बार फिर यह साबित करने का प्रयास किया है कि वह रायबरेली के विकास को लेकर कितना गंभीर है। खास बात ये है कि भाजपा ने पहले ही जिले के दो बडे़ नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दिनेश प्रताप सिंह को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तो ऊंचाहार विधानसभा के विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया है। अब उद्यान महाविद्यालय भी भाजपा का एक मास्टर स्ट्रोक है।
38 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर होती है खेती
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पड़ेरा में कुल 43 हेक्टेयर जमीन है। इसमें 38 हेक्टेयर पर धान, गेहूं आदि फसलों की खेती कर बीज उत्पादन किया जाता है। इसी कृषि प्रक्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय बनाया जाएगा। इससे औद्यानिक खेती करने के लिए किसान आगे आ सकेंगे।।
छात्र बना सकेंगे अपना भविष्य
उद्यान महाविद्यालय बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की गई थी। प्रदेश में अभी तक चार कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हैं, लेकिन उद्यान महाविद्यालय बनने से औद्यानिक खेती के बारे में किसान जागरूक हो सकेंगे। जो छात्र अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनका रास्ता खुल गया है।
दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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मौजूदा समय में यहां पर बीज उत्पादन का काम होता है। प्रति साल गेहूं, धान के अलावा दलहन-तिलहनी फसलों का करीब 1500 क्विंटल बीज उत्पादन होता है। काफी समय से राजकीय कृषि प्रक्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय बनाने की कवायद चल रही थी। प्रदेश सरकार ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक में पड़ेरा में प्रदेश का पहला उद्यान महाविद्यालय बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है।
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के तहत 50 करोड़ की लागत से इस महाविद्यालय की स्थापना होगी। महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि निशुल्क हस्तांतरित को भी स्वीकृति दी गई है। नए महाविद्यालय से कृषि अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीक को नई गति मिलेगी। जिले के करीब छह लाख किसानों को औद्यानिक खेती की भी जानकारी हो सकेगी। इस महाविद्यालय में छात्र शोध कर सकेंगे। इसके साथ ही छात्रावास की व्यवस्था कराई जाएगी। उद्यान विभाग का अलग से सेंटर होगा।
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चुनाव से पहले जिले के लिए बड़ी उपलब्धि
उद्यान महाविद्यालय के बहाने भाजपा ने एक बार फिर यह साबित करने का प्रयास किया है कि वह रायबरेली के विकास को लेकर कितना गंभीर है। खास बात ये है कि भाजपा ने पहले ही जिले के दो बडे़ नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दिनेश प्रताप सिंह को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तो ऊंचाहार विधानसभा के विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया है। अब उद्यान महाविद्यालय भी भाजपा का एक मास्टर स्ट्रोक है।
38 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर होती है खेती
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पड़ेरा में कुल 43 हेक्टेयर जमीन है। इसमें 38 हेक्टेयर पर धान, गेहूं आदि फसलों की खेती कर बीज उत्पादन किया जाता है। इसी कृषि प्रक्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय बनाया जाएगा। इससे औद्यानिक खेती करने के लिए किसान आगे आ सकेंगे।।
छात्र बना सकेंगे अपना भविष्य
उद्यान महाविद्यालय बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की गई थी। प्रदेश में अभी तक चार कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हैं, लेकिन उद्यान महाविद्यालय बनने से औद्यानिक खेती के बारे में किसान जागरूक हो सकेंगे। जो छात्र अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनका रास्ता खुल गया है।
दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)